कोटला रोड स्थित एक जिम पर कार्रवाई करने पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस। विभाग स्रोत
- फोटो : कोटला रोड स्थित एक जिम पर कार्रवाई करने पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस। विभाग स्रोत
फिरोजाबाद। शहर के युवाओं की सेहत से जिम संचालक खिलवाड़ कर रहे हैं। शुक्रवार को ड्रग विभाग ने रैपुरा स्थित महादेव जीएस जिम और कोटला रोड स्थित गोल्डन जिम में छापामारी की। इन दोनों में स्टेमिना बढ़ाने के 10-10 इंजेक्शन बरामद हुए। ड्रग विभाग की टीम को संचालक जिम संचालन का लाइसेंस भी मौके पर नहीं दिखा सके। दोनों जिम संचालकों के खिलाफ थाना उत्तर में प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु ने बताया कि रैपुरा स्थित महादेव जीएस जिम पर तलाशी के दौरान टीम को यहां 10 मैफेन्टरमाइन इंजेक्शन मिले। टीम ने तत्काल सभी इंजेक्शनों को कब्जे में ले लिया और उनके नमूने (सैंपल) जांच के लिए भेज दिए हैं। इसके पश्चात टीम ने कोटला रोड स्थित गोल्डन जिम का निरीक्षण किया। यहां रखे गए विभिन्न सप्लीमेंट, दवाओं और पाउडर की बारीकी से जांच की गई। यहां भी स्टेमिना बढ़ाने के 10 इंजेक्शन बरामद हुए। ड्रग विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य जिम संचालकों में भी खलबली मच गई और कई संचालक जिम बंद करके भाग गए। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि इंजेक्शन के सैंपल को लैब परीक्षण के लिए भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बिना सलाह इंजेक्शन लेना जानलेवा
ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ जिमों में युवाओं को कम समय में शरीर सुडौल बनाने या वजन कम करने के लिए खतरनाक दवाओं का प्रलोभन दिया जा रहा है। मैफेन्टरमाइन इंजेक्शन का प्रयोग ब्लड प्रेशर बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस इंजेक्शन को लगाने के बाद कसरत करने के दौरान थकावट महसूस नहीं होती और शरीर में रक्त का संचार तेजी से होने लगता है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि यह इंजेक्शन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए। इसके अधिक प्रयोग से किडनी, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।