गुजरात की जीके कंपनी के कर्मियों से दो करोड़ की लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी सिपाही मनोज को भी बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके पास से 5 लाख रुपये बरामद किए हैं। उधर, सिपाही के एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बयान दर्ज किए। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इसके बाद शाम को उसे बर्खास्त कर दिया गया। अब फिरोजाबाद पुलिस का पूरा ध्यान फरार अपराधी दिल्ली के पंकज पर टिका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी सौरभ दीक्षित ने दो टीमों को लगा रखा है।
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मुख्य आरक्षी मनोज कुमार को बिल्टीगढ़ चौराहा अंडरपास, मक्खनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह चंद्रपुरा, करहल का रहने वाला है। वर्तमान में तुर्किया, मक्खनपुर में रह रहा था। उसके पास से लूट के 5 लाख रुपये बरामद किए गए। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर चमन कुमार शर्मा, एसआई यशपाल सिंह, कांस्टेबल आदित्य कुमार और अमित कुमार शामिल रहे।
बुधवार को मनोज के बयान दर्ज करने के लिए आगरा से एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक भी फिरोजाबाद आए। उन्होंने जिले के उच्चाधिकारियों से मनोज के संबंध में पूरी कार्रवाई रिपोर्ट भी ली। डीसीपी मुख्यालय अली अब्बास ने बताया कि सिपाही मनोज के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। सिपाही को बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
मनोज पुलिस लाइन में तैनात था। एक महीने पहले ट्रांस यमुना थाने में तैनात था। मगर, एक मकान पर कब्जे के विवाद में शामिल हुआ था। इस पर उसे निलंबित किया था। बाद में उसकी बहाली हो गई थी। वहीं जीआरपी के सिपाही अंकुर प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। उसके खिलाफ भी विभागीय जांच व कार्रवाई शुरू हो गई है। उसकी भी जल्द बर्खास्तगी हो सकती है।
सिपाहियों को मिले थे 10 लाख
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरक्षी मनोज और अंकुर प्रताप सिंह (जीआरपी आगरा) को लूट की पहले से ही जानकारी थी। दोनों ने 30 सितंबर को नई दिल्ली जाकर अपराधियों से मुलाकात की थी। उन्हें पुलिस कार्रवाई की अंदरूनी जानकारी देने का वादा किया था। इसकी एवज में बदमाशों से पांच-पांच लाख रुपये लिए थे। लूटकांड में शामिल एक अन्य आरोपी पंकज निवासी दिल्ली के बारे में पुलिस सुराग जुटाने में लगी है। पंकज की गिरफ्तारी होने के साथ ही उससे लूट की रकम भी बरामद होगी।
15 दिन में दाखिल की जाएगी चार्जशीट, साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। गवाह-साक्ष्य पुख्ता कर लिए गए हैं। अब पुलिस का लक्ष्य पंकज की गिरफ्तारी और कोर्ट में इन अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना है। एसएसपी ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस के पास मजबूत साक्ष्य हैं। यह साक्ष्य आरोपियों को कड़ी सजा दिलवाने में मददगार साबित होंगे। इसके अलावा जमानत अर्जी का भी कड़ा विरोध किया जाएगा, प्रयास यह है कि इस केस का फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल हो।
पुलिसकर्मियों की व्हाट्सएप चैट ही उनके खिलाफ बनी साक्ष्य
2 करोड़ रुपये की लूट की साजिश में शामिल दोनों आरोपी सिपाही बातचीत के लिए व्हाट्सएप काॅल करते थे। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की काॅल डिटेल खंगाली है। इसमें बातचीत के प्रमाण मिले हैं। व्हाट्सएप की चैट भी सामने आई है। दोनों लूट की घटना से पहले से अपराधियों के संपर्क में थे। उन्हें पुलिस की गतिविधि की जानकारी दे रहे थे। इनके खिलाफ यह इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य चार्जशीट के साथ दाखिल करने की तैयारी कर ली है।
7 माह पहले की थी रेकी, 25 सितंबर को होनी थी लूट
एसपी देहात अनुज चौधरी ने बताया कि यह लूट कोई आकस्मिक घटना नहीं थी। लुटेरों ने वारदात से 7 माह पहले ही रेकी शुरू कर दी थी। एनकाउंटर में मारे गए अपराधी नरेश ने कानपुर जाकर रेकी को अंजाम दिया था। अपराधियों के पास गाड़ी की पहचान का एकमात्र सुराग यह था कि उस पर गुजरात राज्य का नंबर पड़ा था, जिसके आधार पर उन्होंने 30 सितंबर को घटना को अंजाम दिया। यह लूट पहले 25 सितंबर को होनी थी, लेकिन मौका न मिलने के कारण टाल दी गई थी।
इनकम टैक्स कर रही रकम के संबंध में जांच
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि इनकम टैक्स को पूरी रिपोर्ट प्रत्येक बरामदगी के संबंध में भेजी जा रही है। रकम के संबंध में उनके स्तर से जांच की जा रही है। उनकी रिपोर्ट आने पर उसे भी चार्जशीट के साथ कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
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