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एक्सपायरी दवाओं से किया जा रहा टीबी रोगियों का उपचार

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फिरोजाबाद। टीबी (क्षय रोग) से पीड़ितों का उपचार करने के नाम लाखों रुपया प्रदेश सरकार खर्च कर रही है। लेकिन उपचार करने वाले जिम्मेदार चिकित्सक एवं स्टाफ यह तक नहीं देखते कि टीबी मरीजों को कैसी दवाएं दी जा रही है। पीड़ितों की मानें तो पहले दवाओं के लिए इधर से उधर भटकाया जाता है। यदि दवा मिल भी जाए तो एक्सपॉयरी दवा थमा दी जाती है। मंगलवार को एक्सपॉयरी दवाओं को लेकर पीड़ित जिला मुख्यालय पहुंचा। डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
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थाना उत्तर के मोहल्ला दुली चौराहा निवासी दुष्यंत तिवारी की पत्नी निशा तिवारी जनवरी 2021 से क्षय रोग से पीड़ित है। उसका उपचार फिरोजाबाद के टीबी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो टीबी रोगियों को उपचार कराने को दवाएं समय से नहीं मिलती हैं। इसके कारण उन्हें दवाओं के लिए इधर से उधर भटकाया जाता है। कभी हाजीपुरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर दवा मिलेगी तो कभी रामनगर केंद्र पर दवा मिलने की बात कही जाती है। विभाग के इस रवैये के चलते टीबी रोगी भटकने को मजबूर होते हैं। नौ अक्तूबर को रामनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर पत्नी की टीबी रोग की दवा लेने पहुंचा तो वहां पर पत्नी की दवाएं एक्सपॉयरी थमा दीं। इसमें एक दवा तो 2008 में एक्सपॉयरी हो गई वही दे दी। पीड़ित ने सभी दवाओं के साथ डीएम कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई है।
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