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व्यापारियों का थाने पर हंगामा, नारेबाजी

Sun, 08 Nov 2015 07:49 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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रितिक का शव न मिलने पर व्यापारियों ने थाने घेराव कर हंगामा किया। काली पट्टी बांधकर धरना और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी तरफ पुलिस ने नगला धारू की नहर में रितिक के शव की तलाश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शाम को व्यापारियों ने मुख्य चौराहे पर जाम लगा दिया।
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गौरतलब है कि शनिवार को पुलिस ने रितिक अपहरण के मामले में दो दोस्तों को हिरासत में लिया था। उन्होंने खुलासा किया कि रितिक का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को नगला धारू की नहर में फेंक दिया है। इससे व्यापारियों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने थाने का घेराव भी किया। रविवार को एका एसओ ने बताया कि रितिक और नगला फरैली निवासी विकास एक ही स्कूल में पढ़ते थे। 28 अक्तूबर की शाम को विकास ने रितिक के पिता संजीव के फोन पर बात कर रितिक को एका चौराहा पर बुलाया था। वहां विकास पुनीत के साथ पहले से कार लेकर मौजूद था। दोनों लोग रितिक को लेकर नगला धारू की नहर पर ले गए थे। वहां उसकी पिटाई की वीडियो क्लिपिंग बनाई। इसे रितिक के पिता को भेजने के साथ फिरौती मांगे जाने की योजना थी लेकिन मामला खुलने के डर से उन्होंने रितिक की नहर में डुबो कर हत्या कर दी। बेल्ट से हाथ पैर बांध कर शव को नहर में फेंक दिया। उधर, रितिक की हत्या के विरोध में रविवार को फिर से व्यापारी आंदोलित हो गए। उन्होंने प्रतिष्ठानों को बंद रखते हुए काली पट्टी बांधकर थाने का घेराव कर धरना दिया। व्यापारी थानाध्यक्ष एका के खिलाफ कार्रवाई की मांग और रितिक के शव की बरामदगी की मांग कर रहे थे। शाम को उन्होंने मुख्य चौराहे पर जाम लगा दिया। जिसे बाद में बमुश्किल खुलवाया गया। थानाध्यक्ष एका का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। अभी रितिक के शव की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने बरामद की क्लिपिंग
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर क्लिपिंग को बरामद कर लिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि क्लिपिंग में पूरा घटनाक्रम दर्शाया गया है। इसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, इससे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो सके।
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किया जाएगा आंदोलन
खिल भारतीय वैश्य एकता परिषद की बैठक जिलाध्यक्ष एवं व्यापारी नेता बीएस  गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बीएस गुप्ता ने कहा कि व्यापारी  संजीव गुप्ता के पुत्र का अपहरण और उसकी हत्या पुलिस लापरवाही का परिणाम है। घटना  वाले ही दिन पुलिस रितिक के दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ करती तो  उसका कम से कम शव तो बरामद हो ही जाता। हत्याकांड में थानाध्यक्ष एका और वहां तैनात पुलिसकर्मी दोषी हैं। उनके  खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। महानगर अध्यक्ष अमित गुप्ता ने  कहा यदि पुलिस अधिकारी व्यापारियों के हितैषी होते तो वह शनिवार और रविवार को मौके पर पहुंचते। महेश पूरन ने कहा कि थानाध्यक्ष सहित वहां तैनात फोर्स के  खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तन्मय गुप्ता, राजेश  गुप्ता, पवन गुप्ता, जीतेश अग्रवाल, रीतेश अग्रवाल, विनोद महेश्वरी,  उमाशंकर गुप्ता, संतोष गुप्ता आदि शामिल है।
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