फिरोजाबाद। 27 वर्ष पहले नकल विरोधी आदेश के विरोध में इंटर कालेज में उपद्रव करने के आरोपी तीन लोगों को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। उन पर तत्कालीन मंत्री अशोक यादव के हेलीकाप्टर पर हमला करने का भी आरोप था।
30 अगस्त 1998 को थाना जसराना के तत्कालीन एसओ अमर सिंह पुलिस फोर्स के साथ बोर्ड परीक्षा ड्यूटी कर रहे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद एलआर इंटर कालेज में दो हजार छात्रों की भीड़ उत्तेजित होकर नकल विरोधी आदेश का विरोध करते हुए अपशब्दों का प्रयाेग करने लगी। कालेज मैदान में खड़े तत्कालीन मंत्री अशोक यादव के हेलीकाप्टर की तरफ छात्रों की भीड़ बढ़ने लगी थी। कुछ ने हेलीकाप्टर पर हमला कर दिया।
पुलिस ने छात्र रमेश निवासी सजैती जसराना, धर्मेंद्र कुमार गजामई मक्खनपुर और बसंत गांव पचवा जसराना काे गिरफ्तार किया था। इन तीनों ने उपद्रव करने वाले 11 साथियों के नाम भी बताए थे। उपद्रव में कई पुलिस कर्मी, डाक्टर और अन्य लोग घायल हो गए थे। गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गई थीं। पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध आरोप पत्र जमा किया था। एडीजे न्यायालय संख्या एक सुनील कुमार सिंह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी को बरी कर दिया।