सरकारी ट्रॉमा सेंटर में वार्ड फुल होने के बाद स्लिप पर लेटी महिला मरीज को लगी आक्सीजन
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फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण से ज्यादा अब मरीजों की जान ऑक्सीजन का स्तर कम होने से जा रही है। सांस उखड़ने से परेशान मरीज सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहे हैं। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के लेटने तक की जगह नहीं है। मरीज जान बचाने के लिए जमीन पर बैठकर ऑक्सीजन लगवा रहे हैं। ऑक्सीजन की खपत भी अस्पताल प्रशासन के लिए मुसीबत बनी हुई है। इस समय मेडिकल कॉलेज में चार सौ ऑक्सीजन सिलिंडर की प्रतिदिन खपत हो रही है, जो दो दिन पहले तक महज 200 सिलिंडर थी।
सुहागनगरी के बाशिंदों का ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है। निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार को सभी पलंग फुल थे। यहां तक कि स्ट्रेचर पर भी मरीज लेटे थे। ऐसे में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर कई लोग बरामदे में स्लिप पर लेटकर और बैठकर ऑक्सीजन लगवाने को मजबूर नजर आए।
दिनों-दिन हालात गंभीर होने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग संसाधन जुटाने में लगा है। ऑक्सीजन आपूर्ति के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश यादुवेंद्र ने बताया कि अब 400 ऑक्सीजन सिलिंडर प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति प्लांट से दिन-रात हो रही है। स्थिति यह है कि ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए वाहन भी कम पड़ रहे हैं। 150 ऑक्सीजन सिलिंडर कोविड अस्पताल में खर्च हो जाते हैं और 250 ऑक्सीजन सिलिंडर नॉन कोविड अस्पताल में खर्च हो रहे हैं।
शव वाहन से लाए जा रहे ऑक्सीजन सिलिंडर
फिरोजाबाद। शव वाहन का प्रयोग शुक्रवार को ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति किए जाने में किया गया। इसके अलावा दो वाहन भी ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति में लगे हैं। प्रति तीन घंटे के बाद वाहन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों केा मेडिकल कॉलेज परिसर में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट से आस है।