रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में आरपीएफ और जीआरपी के साथ डॉग स्क्वॉयड को देखकर यात्री सहम गए। मौका था आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर रेलवे पुलिस की गतिविधि परखने एवं यात्रियों की सुरक्षा और चिकित्सा उपलब्ध कराने के तरीके का। मॉकड्रिल से घटना का रिहर्सल किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल के डायरेक्टर ऑफ जनरल राजीव रंजन वर्मा के निर्देशन पर पठानकोट घटना और गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सोमवार को टूंडला स्टेशन पर ट्रेन में धमाका होने के बाद की स्थिति को मॉकड्रिल से दर्शाया गया। जीआरपी थानाध्यक्ष बृजमोहन सिंह और आरपीएफ प्रभारी अजीत तिवारी के संयुक्त नेतृत्व में रेलवे पुलिस ने मॉकड्रिल की। ट्रेन में विस्फोट होने के बाद किस प्रकार घायलों को प्राथमिक उपचार देेकर अस्पताल तक पहुंचाया जाए और मृतकों को किस प्रकार पोस्टमार्टम तक पहुंचाया जाए, का रिहर्सल किया गया। रेलवे पुलिस ने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर सच्ची घटना की तरह रेल की खिड़कियों से घायलों को निकालकर प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने, मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के दृश्यों को दर्शाया। डॉग स्क्वॉयड से कोच में अपराधियों एवं अन्य विस्फोटक पहने लोगों को पहचानने का भी रिहर्सल किया गया। इसके लिए कंट्रोल रूम तैयार किया गया था। जीआरपी व आरपीएफ प्रभारियों ने बताया कि रिहर्सल पठानकोट की घटना के बाद गणतंत्र दिवस पर आतंकी खतरे के मद्देनजर किया गया है। बम मिलने की सूचना पर किस प्रकार उसे खोजा जाए अथवा किस तरह यात्रियों को सुरक्षित निकालकर बम डिस्पोज किए जाने के अलावा आतंकियों के छिपे होने की पर किस प्रकार चेकिंग की जाए, का भी रिहर्सल किया गया। इस मौके पर आरपीएफ सीओ सीपी सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो- मॉकड्रिल को लेकर बम विस्फोट के बाद ƒघायलों को उपचार हेतु ले जाने का रिहर्सल करते जीआरपी व आरपीएफ के जवान। ƒघायलों को उपचार देते स्वास्थकर्मी।