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ज्वाइनिंग लेटर नर्सिंग का, हाथों में थमा दी झाड़ू

Mon, 18 Jan 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
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कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को मुख्यमंत्री के हाथों से नर्सिंग की नौकरी के ज्वाइनिंग लेटर दिलाकर टायलेट साफ कराए जा रहे थे। युवाओं ने विरोध किया तो उन्हें नजरबंद कर दिया।युवाओं ने आरोप लगाया कि वह जान बचाकर भागे हैं नहीं तो उनकी किडनी तक निकाल ली जाती। कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को हाईवे जाम किया और जमकर नारेबाजी की।
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बताते चलें कि एक माह पूर्व इंडीग्राम कंपनी ने कैंपस प्लेसमेंट कर बंगलुरू के पोर्टिया मेडिकल ग्रुप में 70 युवक-युवतियों को रोजगार दिलाया था। इसके अलावा दिल्ली और नोएडा के अस्पताल में भी युवाओं को नर्सिंग की नौकरी के लिए भेजा था। सभी युवक-युवतियों ने कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। नर्सिंग की नौकरी के ज्वाइनिंग लेटर आगरा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिए थे। जब युवा अस्पतालों में पहुंचे तो उनसे नर्सिंग की जगह टायलेट साफ कराया गया। शुरू में युवाओं ने विरोध नहीं किया लेकिन जब उनसे साफ सफाई और बेड शीट बदलवाने का कार्य कराया जाने लगा तो आक्रोश भड़क गया। आरोप है कि युवा एकजुट हुए तो उन्हें नजरबंद कर दिया। यही नहीं कंपनी के अधिकारियों ने चिकित्सकों से सांठगांठ कर उनकी किडनी निकालने की योजना बना डाली। इसकी जानकारी युवाओं को हुई तो उनके होश उड़ गए। किसी तरह सभी अभ्यर्थी अस्पतालों से भाग निकले। सोमवार को नौकरी छोड़कर आए युवक-युवती जिला उद्योग केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने कंपनियों पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। जमकर नारेबाजी कर अधिकारियों तक पर आरोप लगाए। इसके बाद जुलूस निकालकर सुभाष तिराहे पर जाम लगा दिया। किडनी निकालने की तैयारी की सनसनी पर अधिकारियों ने भी दौड़ लगा दी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रविंद्र मांदड़, सीओ सिटी राजेश चौधरी, थाना उत्तर प्रभारी शशिकांत शर्मा मौके पर पहुंच गए। सीओ सिटी ने फोन पर बात कर उन्हें डीएम से मिलने को कहा। जाम लगाने वाली खुशबू शर्मा, मौ. हासिम, जीतू राठौर, श्याम, पंकज, मनोज कुमार, राहुल, वीरप्रताप, अंजुम, गुलनाज, रिजवान, अर्शी, रौनक, शीबा नाज, रूबी, नीलम, अजय, दिलीप, साजिदा, रूबी, कृष्णकांत, आरिफ, शालिनी, सपना, सना आदि ने कहा कि नौकरी के नाम पर उनके साथ धोखा किया गया है साथ ही मुख्यमंत्री को भी कंपनियों के अधिकारियों ने गुमराह किया।


काम छोड़कर गए तो चोरी की एफआईआर
 पोर्टिया कंपनी में नौकरी को गए इब्राहिम ने कहा कि कंपनी ने हमें सुरक्षा का भरोसा दिलाया था लेकिन वहां हमें बंधक बनाकर रखा गया। यही नहीं स्टाफ के द्वारा धमकाया गया कि यहां से काम छोड़कर भागे तो चोरी में एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। वहां कुछ लोग किडनी निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसकी भनक लगते ही वह अस्पताल से अपनी बहन सहित मैनपुरी, शिकोहाबाद व सिरसागंज के 11 लोगों को बचाकर ले आया।
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50 से अधिक युवाओं को नहीं मिले ज्वाइनिंग लेटर
इंडीग्राम कंपनी द्वारा 70 युवाओं का प्लेसमेंट कराया गया, लेकिन 50 से अधिक युवा ऐसे हैं जिनको किसी भी कंपनी में ज्वाइनिंग नहीं दी गई।

जिला उद्योग केंद्र ने नहीं कराया सत्यापन
युवाओं का कहना है कि पूरे मामले में जिला उद्योग केंद्र की लापरवाही उजागर हुई है। कंपनी का किसी भी स्तर पर भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। कंपनी के द्वारा दिए जाने वाले रोजगार का आंकलन भी नहीं कराया। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव को जिला समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा दो काउंसलर भी तैनात किए हैं। सीएम की प्राथमिकता के बाद भी इनके द्वारा प्लेसमेंट कराने में बड़ी लापरवाही बरती गई।
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