-ब्लॉक स्तरीय टीम ने जांच में किया स्पष्ट, जिला प्रशासन को भेजी जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नारखी (फिरोजाबाद)। ग्राम पंचायत ओखरा में राजाराम की तीन वर्ष पूर्व मौत हो जाने के बाद भी उसकी मनरेगा श्रमिक के रूप में हाजिरी लगाने के मामले की जांच रिपोर्ट टीम ने बीडीओ नारखी को सौंप दी। इसमें गलती हाजिरी लगाने वाले ऑपरेटर की पाई गई है। ब्लॉक से जांच रिपोर्ट उपायुक्त मनरेगा को भेज दी है। जिला स्तर से दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नारखी ब्लाक की ग्राम पंचायत ओखरा में जिस राजाराम की मौत तीन वर्ष पूर्व हो गई थी लेकिन इसी पंचायत के मजरा मदनपुर में संपर्क मार्ग 2 नवंबर को काम दर्शाकर उनकी फर्जी तरह से हाजिरी लगा दी गई थी। पुराना फोटो भी अपलोड कर दिया था। राजाराम का नाम ग्रामीणों से देखा तो वह हैरान रह गए। बेटा महेश ने बताया कि उनकी तीन वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। यह मामला उजागर हुआ तो ब्लाक में एडीओ पंचायत सुरेंद्र भाटी,एडीओ आईएसबी योगेंद्र सिंह एवं एडीओ कृषि कन्हैया को इसकी जांच सौंपी गई। जांच टीमों ने गांव में जाकर मनरेगा श्रमिकों की लगी हाजिरी की जांच की तो पता चला कि मृतक एवं उसके दोनों बेटों के जॉबकार्ड बने थे। एक आईडी होने के कारण ऑपरेटर की गलती से वह नाम हाजिरी में चढ़ गया था। जानकारी होने के बाद हाजिरी शून्य कर दी गई है उसमें कोई भुगतान नहीं किया गया।
ओखरा ग्राम पंचायत में मृतक राजाराम की हाजिरी मृतक एवं उसके बेटों की एक आईडी होने के कारण ऑपरेटर की गलती से हाजिरी लग गई थी। हाजिरी शून्य कर दी गई उसमें कोई भुगतान नहीं हुआ है। जांच टीम की रिपोर्ट उपायुक्त मनरेगा को भेज दी गई है।
ओमप्रकाश, बीडीओ नारखी