फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो न्यायालय प्रथम अवधेश कुमार सिंह ने आठ वर्ष पुराने मामले में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है तथा 18 हजार रुपया का अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर साढ़े तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिया है। मामला थाना उत्तर क्षेत्र का 12 सितंबर 2015 का है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि नाबालिग बेटी को दवा दिलाकर वापस लौट रही थी। वह बंबा चैराहा पर पहुंची तभी थाना एका के नगला महाराम निवासी राजू एवं भूरे पीड़िता को जबर दस्ती टेंपों में डालकर ले गए। वह चिल्लाई तब उसके भाई ने पकड़ने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद 24 अक्तूबर 2015 को अचानक पीड़िता और राजू रिजावली चौराहे पर खड़े दिखाई दिए। क्षेत्रीय लोगों की मदद से पकड़ लिया था। पीड़िता ने बताया कि राजू ने उससे जबरदस्ती अहमदाबाद ले जाकर एक कमरे में रखा और रोजाना दुष्कर्म करता रहा था। पीड़िता एवं आरोपी को थाने लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राजू व भूरे व थाना उत्तर के तीन अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामला सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी दोषियों को सजा दिलाने को विशेष लोक अभियोजक अवधेश भारद्वाज ने की। न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर राजू को नाबालिग से दुष्कर्म एवं बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा-4 के अपराध का दोषी पाते हुए दस वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। 18 हजार का अर्थदंड लगाया है। शेष आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।