दिल्ली की धागा मिल में कार्यरत इंजीनियर के पुत्र की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई। मृतक किशोर का शव मथुरा के कोसी रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। जीआरपी की सूचना मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर दिल्ली और टूंडला से पहुंचे परिवारीजन किशोर के शव को पोस्टमार्टम होने के बाद गांव लेकर पहुंचे।
थाना नारखी के गांव नगला सिकंदर निवासी कैलन सिंह दिल्ली में एक धागा फैक्ट्री में बतौर इंजीनियर पर कार्यरत हैं। वह मीठापुर, जैतपुर, बदरपुर बॉर्डर दिल्ली में परिवार सहित रहते हैं। गत रविवार सुबह सात बजे करीब उनका 17 वर्षीय पुत्र आशीष घर से साइकिल लेकर यह कहते हुए निकला था कि उसका ट्यूशन में टेस्ट है। टेस्ट देकर वह 11 बजे तक घर लौट आएगा, लेकिन दोपहर तक घर लौटकर नहीं पहुंचने पर परिवारीजनों ने उसकी खोज शुरू कर दी। तभी मथुरा के कोसी रेलवे स्टेशन की जीआरपी ने कैलन सिंह को फोन कर बताया कि उनके बेटे आशीष का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। सूचना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। आनन-फानन में दिल्ली और नगला सिकंदर से परिवारीजन कोसी पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद आशीष के शव को परिवारीजनों के हवाले कर दिया गया। सोमवार शाम परिवारीजन आशीष के शव को लेकर गांव नगला सिकंदर पहुंचे। आशीष का शव आते ही गांव में कोहराम मच गया।