शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। प्रतापपुर चौराहे के समीप एक किशोर बदहवाश हालत में मिला। स्थानीय लोगों ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि चार माह पूर्व उसे कुछ लोग अगवा कर लाए थे। उसके बाद उसे एटा स्थित एक ढाबे पर रखा गया। पूरे दिन काम कराते और फिर कमरे में बंद कर देते। दो दिन पूर्व उसे मौका मिला तो छत फर्लांग कर भाग निकला। किशोर को स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हमीरपुर के राठ निवासी हेमंत (13) पुत्र छत्रपाल ने बताया कि उसके माता-पिता एक भट्टे पर ईंट थापने का काम करते हैं। एक दिन वह भट्टे के अन्य बच्चों के साथ खेलने जा रहा था, तभी एक वैन सवार कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और एटा ले आए। उसने बताया कि एटा रोडवेज बस स्टैंड के पास एक होटल पर उसे रखा गया। आरोप है कि होटल स्वामी उससे पूरे दिन काम कराता और उसके बाद कमरे में बंद कर देता। कई बार उसने होटल से भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। भागने पर होटल स्वामी ने उसके साथ मारपीट भी की। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
शनिवार शाम को मौका मिला तो उसने होटल की छत फर्लांग कर भाग निकला। खेतों से होते हुए वह सुबह एका थाना क्षेत्र में पहुंच गया। यहां उसने एक व्यक्ति से मदद मांगी और उसकी मोटर साइकिल से बैठकर शिकोहाबाद आ गया। यहां उसने प्रतापपुर चौराहे पर मिले लोगों को आप बीती बताई और घर जाने की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने किशोर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। उसने बताया कि उसके साथ के अन्य बच्चे भी होटल पर काम कर रहे हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह मलिक ने बताया किशोर से पूछताछ की जा रही है। हमीरपुर और राठ में भी इसकी सूचना भेजकर बच्चे की गुमशुदगी के बारे में जानकारी की जा रही है।