फिरोजाबाद में सैकड़ों शिक्षक जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने पुराने नियुक्ति आदेशों का हवाला देते हुए छूट की मांग की।
- जिला मुख्यालय पर जुटे शिक्षक, पीएम और केंद्रीय शिक्षामंत्री को सौंपा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के शिक्षक मोर्चा के नेतृत्व में शुक्रवार को जनपद के सैकड़ों शिक्षक जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध दर्ज करते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षामंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है, जबकि उसी आदेश में 3 सितंबर 2001 तक नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने की भी बात कही गई है। इतना ही नहीं, आदेश के अन्य हिस्से में 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी इस परीक्षा से छूट देने की बात शामिल है।
अन्य शिक्षकों ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को एनसीटीई द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई थी, जिसे बाद में 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लागू किया गया। ऐसे में उस अधिसूचना से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत यादव, नागेश यादव, वीर नारायण, संजीत सिंह, मनोज कुमार, धीरज कुमार, राज किशोर, अतुल गुप्ता, सुधीर यादव, कुलदीप यादव समेत अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।