फिरोजाबाद में परिषदीय विद्यालयों के विलय की नीति के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। इस मौके पर शिक्षकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपते हुए इस निर्णय को शिक्षा और जन विरोध करार दिया।
जिलाध्यक्ष शौर्य देवमणि यादव ने कहा कि गांव के परिषदीय स्कूलों को बंद करके दूसरे गांव के विद्यालयों में विलय किया जा रहा है। इससे शिक्षा प्रणाली गड़बड़ा गई है। यह निर्णय पूरी तरह से छात्र हितों के खिलाफ है। इससे न केवल स्कूलों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में पढ़ रहे बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जो उनकी उपस्थिति और सुरक्षा दोनों के लिए चिंताजनक है।
महानगर अध्यक्ष कल्पना राजौरिया ने कहा कि यह नीति सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक है। विलय के चलते हजारों रसोइयों की नौकरियों पर तलवार लटक रही है, जिससे गरीब वर्ग की महिलाओं का रोजगार संकट में आ गया है। उन्होंने कहा गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने शीघ्र इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो प्रदर्शन को व्यापक आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उमेशचंद्र यादव, पंकज भारद्वाज ने भी शामिल होकर समर्थन दिया। धरने में प्रमुख रूप से महामंत्री रंजीत यादव, कुलदीप उपाध्याय, आलोक चौहान, धीरेंद्र यादव, अमित कुमार, प्रद्युमन, कुमार, अरुण कुमार, ललित शर्मा, शीबा हासिम, मोहित चतुर्वेदी, हरिओम, अनिल पांडेय, अवधेश कौशिक सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।