विकास भवन के बाहर धरना देते राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी नारेवाजी करते हुए।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मंगलवार को विकास भवन पर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की। कर्मी बोले सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी जबकि सांसद और विधायकों की पेंशन चालू है। सांसद और विधायकों की पेंशन भी बंद होनी चाहिए। संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन सहित 11 मांगे पूरी होने तक आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया।
विकास भवन पर हुए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में राज्य कर्मचारियों, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक संघ से जुडे़ पदाधिकारी शामिल हुए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में आयोजित धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता चेतन बिहारी सक्सेना ने की। लटूरी सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार शासन से वार्ता हुई। इसके बावजूद शासनादेश जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
जिला संयोजक प्रमोद कुमार शर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रेमप्रकाश कुशवाह ने पुरानी पेंशन के लिए आर पार की लड़ाई का ऐलान किया। कर्मचारियों ने जबरन सेवानिवृत्ति को हिटलरशाही की संज्ञा दी। सुबह करीब दस बजे से शुरू हुए धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर जन विरोधी नियमों को लागू करने और निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। संयुक्त परिषद ने कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी दिलीप कुमार कुलश्रेष्ठ को मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्री ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन में ध्रुव कुमार आचार्य, राजेश शर्मा, रूबीना, नरेंद्र शर्मा, राजेश खरे, बीपी सिंह, दिनेश यादव, मुनीर अहमद आदि मौजूद रहे। संचालन संजय सोनी ने किया।