टैंकर में लाए गए दूध को मिलाकर जांच करता डयेरी का कर्मचारी। स्रोत संवाद
- फोटो : टैंकर में लाए गए दूध को मिलाकर जांच करता डयेरी का कर्मचारी। स्रोत संवाद
शिकोहाबाद। पराग डेयरी में रविवार को आगरा से लाए गए करीब 2600 लीटर संदिग्ध दूध को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। डेयरी कर्मचारियों ने शुद्ध दूध में मिलावट की आशंका पर टैंकर को रोक लिया। जांच के दौरान दूध में रिफाइंड और पोटाश जैसी मिलावट पाए जाने का दावा किया गया है। मामले की शिकायत दुग्ध संघ प्रतिनिधि ने महाप्रबंधक से की है।
रविवार दोपहर करीब तीन बजे आगरा से एक टैंकर पराग डेयरी शिकोहाबाद पहुंचा। इसमें लगभग 2600 लीटर दूध था, जिसे डेयरी में पहले से मौजूद करीब 3000 लीटर शुद्ध दूध में मिलाया जाना था। कर्मचारियों को दूध पर संदेह हुआ तो उन्होंने उसे मिलाने से पहले ही रोक दिया और विरोध जताया।
दूध को जांच के लिए ठंडा किया गया, जिसके बाद कथित मिलावट का मामला सामने आया। पूर्व सचिव एवं दुग्ध संघ प्रतिनिधि कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह दूध पहले आगरा से बल्लभगढ़ स्थित मदर डेयरी भेजा गया था, जहां जांच में रिजेक्ट होने के बाद इसे शिकोहाबाद भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि पहले से सूचना मिलने पर लालगढ़ी गांव निवासी संतोष कुमार ने टैंकर को पराग डेयरी में मिलावट होने से पहले ही रुकवा दिया, जिससे पूरा मामला उजागर हो गया। अन्यथा यही मिलावटी दूध शुद्ध दूध में मिलाकर आगे की अन्य डेयरियों में सप्लाई कर दिया जाता। जिससे आमजन की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता।