फिरोजाबाद। नीरी की सेक्टोरियल गाइड के क्रियान्वयन और क्षमता विस्तार के मामले में फंसी शहर की 60 इकाइयों के बारे में शुक्रवार को सुप्रीम अदालत में सुनवाई होगी। सुप्रीम अदालत में सुनवाई को लेकर शहर के कांच व चूड़ी उद्योग जगत सांसें अटकी हुई हैं। टीटीजेड एरिया सुहागनगरी की 60 कांच-चूड़ी में बीते सालों में हुए क्षमता विस्तार के मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट बीते 26 दिसंबर को जारी हुई टीटीजेड एरिया में संचालित उद्योगों के संबंध में सेक्टोरियल गाइड लाइन के बारे में भी सुनवाई करेगा। टीटीजेड एरिया में निर्बाध संचालन को राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग संस्थान बंगलूरू ने सेक्टोरियल गाइड लाइन तैयार की है। वहीं सेक्टोरियल गाइड लाइन और क्षमता विस्तार वाली इकाइयों के बारे में सुप्रीम सुनवाई को लेकर जिले का कांच व चूड़ी उद्योग सांसत में दिखा। कांच कारोबारियों व उद्यमियों के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी सुप्रीम कोर्ट संभावित रुख पर निगाहें गढ़ाए हुए हैं।
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इन बिंदुओं पर रहेगी नजर
-क्षमता विस्तार के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का रुख।
-शिफ्टिंग की इच्छुक इकाइयों को दूसरी जगह स्थानांतरण का मुद्दा।
-टीटीजेड एरिया खास तौर पर फिरोजाबाद में नई इकाइयों की स्थापना।
-कई साल पहले गैस सप्लाई के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर चुकीं इकाइयों का भविष्य।
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सेक्टोरियल गाइड लाइन के ड्राफ्ट और क्षमता विस्तार के मामले में विचाराधीन इकाइयों के मुद्दे पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। माननीय न्यायालय के निर्देशों के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड