फिरोजाबाद। मेडिकल काॅलेज में आउटसोर्सिंग पर तैनात स्टाफ नर्सों को हटाने का फ्राॅड कॉल आने पर भ्रम फैल गया। कॉल आने पर आक्रोशित हुए स्टाफ नर्सों ने सीएमएस कार्यालय का घेराव कर लिया। इससे स्वास्थ्य सेवाएं करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। कंपनी के मैनेजर को बुलाकर सीएमएस ने स्थिति को स्पष्ट किया। इसके बाद कर्मचारी काम पर वापस लौट गए। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 139 स्टाफ नर्सों को स्थाई पदों पर शासन ने तैनाती दे दी। इसके बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर फोन आने लगे कि उन्हें हटाया जाएगा। यदि हटना नहीं चाहते हैं तो रुपये दें। धीरे-धीरे यह बात सभी स्टाफ नर्सों में फैल गई। आक्रोशित होकर स्टाफ नर्स सीएमएस कार्यालय में पहुंच गए। सीएमएस कार्यालय में डाॅ. नवीन जैन का घेराव किया। सीएमएस ने स्टाफ नर्सों से पूछा कि क्या उन्हें कोई नोटिस दिया गया है। कई स्टाफ नर्स ने फोन आने जानकारी दी। सीएमएम ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कंपनी के मैनेजर को भी कार्यालय में बुला लिया। दोनों ने स्थिति स्पष्ट कि उन्हें नहीं हटाया जा रहा है। इसके बाद सभी कर्मचारी अपने कामकाज पर लौट गए। करीब एक घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
सीएमएम डाॅ. नवीन जैन ने बताया कि 139 स्थाई पदों पर संविदाकर्मियों को शासन ने तैनाती दी है। ऐसे में भ्रम फैल गया था कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाया जाएगा। कई कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास फ्राड कॉल आई। हमने कंपनी के मैनेजर को बुलाकर स्थिति को स्पष्ट कर दिया। इसके बाद कर्मचारी वापस लौट गए।