एसआरके डिग्री कॉलेज में बीकॉम तृतीय वर्ष के परीक्षार्थियों को राष्ट्र
गौरव की परीक्षा नहीं देने दी गई। इस पर आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने हंगामा
कर दिया। विरोध करने पर परीक्षार्थियों के साथ कॉलेज प्रोफेसरों ने
अभद्रता की। कॉलेज प्रशासन से वार्ता करने की मांग कर रहे छात्रों को पुलिस
ने कॉलेज से दौड़ा दिया।
स्नातक परीक्षा में तीनों साल में से एक बार राष्ट्र गौरव और पर्यावरण
की परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। पहले और द्वितीय वर्ष में करीब
सौ छात्रों के इंटरनेट मार्कशीट पर दोनों ही पेपर के नंबर नहीं आए। इस पर
कॉलेज प्रशासन ने मूल मार्कशीट पर नंबर आने का भरोसा दिलाया। बीकॉम तृतीय
वर्ष के सैंपल फार्म पर यह विषय अंकित न करने की बात भी कही। इस वजह से
यूनिवर्सिटी के प्रवेश पत्र पर दोनों विषय नहीं आए। बुधवार को छात्रों से
ओएमआर शीट से पर्यावरण शिक्षा की परीक्षा दिला दी गई।
छात्रों का कहना है
कि जिस पर कॉलेज की न कोई मुहर लगी हुई थी, न ही किसी शिक्षक ने ओएमआर शीट
पर हस्ताक्षर किए। उपस्थिति सीट पर भी छात्रों से हस्ताक्षर नहीं कराए गए।
छात्रों ने परीक्षा पर संदेह जताया। गुरुवार को राष्ट्र गौरव की परीक्षा
देने पहुंचे परीक्षार्थियों को कॉलेज गेट पर रोक दिया गया। कुछ छात्रों ने
प्रोफेसर से वजह जानने की कोशिश की तो प्रोफेसर ने अभद्रता की। पुलिस ने भी
छात्रों को कॉलेज से बाहर निकाल दिया। इसके बाद छात्र डीएम से मिलने
मुख्यालय पहुंचे। यहां एडीएम कर्मेंद्र सिंह को उन्होंने अपनी समस्या बताई।
असंतुष्ट छात्र फिर कॉलेज आए तो पुलिस ने उन्हें दौड़ा दिया। इस दौरान गेट
पर छात्रों ने जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान सौरभ गुप्ता, प्रियांशु जैन,
सौरभ अग्रवाल, सिराज खान, शिवानंद राठौर, रिषभ जैन, सचिन गुप्ता, विशाल
वार्ष्णेय, राजकुमार, विकास गुप्ता, शिवम वर्मा आदि शामिल रहे।
मीडिया को किया प्रतिबंधित, बाहरी लोग कॉलेज में
महाविद्यालय
में मनमानी का आलम यह है कि मीडिया पर कॉलेज में एंट्री पर रोक लगा दी।
जबकि बाहरी लोग कालेज कैंपस में घूमते हुए नजर आए। छात्र नेता कालेज कैंपस
में चहलकदमी करते दिखे। समस्या बताने की मांग करते रहे छात्रों को रोक लिया
गया।
छात्रों ने सैंपल फार्म पर
यह पेपर लिखने चाहिए थे। पर्यावरण की जो परीक्षा हुई है, वह पुरानी ओएमआर
सीट पर करा दी गई। वह यूनिवर्सिटी नहीं जाएंगी। छात्रों के भविष्य को देखते
हुए उन्हें उत्तीर्ण कराने का प्रयास कर रहा हूं।
डॉ विपिन अग्रवाल, प्राचार्य
एसआरके महाविद्यालय