किसानों की जिले में हजारों हेक्टेयर गेहूं, जौ के साथ आलू की फसलें
बर्बाद हो गई हैं। गेहूं की फसल बारिश से खेतों में सड़ रही है। किसान के
पास सिर्फ अपने भाग्य को कोसने के अलावा कुछ नहीं बचा। किसान कहीं सदमे से
तो कहीं पर आत्महत्या जैसे कदम तक उठाने को विवश हैं। किसान की इस बर्बादी
का असर सुहागनगरी के बाजार में साफ दिखा। सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा
था, भीड़ कहीं दिखाई नहीं दी। बर्तन बाजार में इसी तरह की स्थिति देखने को
मिली। साड़ी की दुकानों पर भी व्यापारी खाली हाथ बैठे थे। रेडीमेट की दुकान
संचालित करने वाले विनोद जैन कहते हैं कि आज बाजार पूरी तरह से ठप हो गया।
कोई ग्राहक ही दिखाई नहीं देता। बबलू अग्रवाल कहते हैं कि ऐसे सन्नाटा
बाजार में पहली बार देखने को मिला। हलवाई के साथ टेंट संचालकों तक को काम
नहीं मिल रहा है।
गर्मियों का सहालग किसानों का होता था, फसल आने
के साथ किसान महिलाओं के गहने बनवाता था, खरीदारी की जाती थी। अब फसलों की
बर्बादी के बाद जो पैसा बचा है उससे पूरे साल का काम चलाया जाएगा। नया
आर्डर नहीं आया। कई कैंसल हो गए।
सुनील अग्रवाल, सर्राफा व्यापारी।
लग्न
एवं शादी में 51 तथा 101 बर्तन देने वाले किसान सिर्फ फॉरमल्टी पूरी करने
को विवश हैं। पांच बर्तन से काम चलाना पड़ रहा है। अधिकांश तो बुकिंग करा
गए लेकिन लेने ही नहीं आए।
संजीव वर्मा बर्तन व्यवसायी।
बर्तन
बाजार में दो बेटियों पूजा एवं आरती की शादी का सामान खरीदने आया हूं। 23
अप्रैल को बारात आनी है। पहले से विवाह तय था इसी कारण सामान की खरीदारी
करने आए हैं। गेहूं एवं आलू से उम्मीद थी लेकिन मौसम ने सभी कुछ नष्ट कर
दिया। कैसे काम चला रहे हैं हमही जानते हैं।
आज्ञाराम, किसान नगला लेखराज।
किसानों को मुआवजा बांटने को मांगे 50 करोड़
फीरोजाबाद
(ब्यूरो)। जिले में कुल 186634 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों को बोया गया
था। कुल 63027 हेक्टेयर फसलों प्रभावित हुई हैं। 30294.056 हेक्टेयर में
फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक हानि हुई है। वहीं शासन के निर्देश पर दो
हेक्टेयर से अधिक आबादी वाले किसानों को शामिल करने के कारण 6667.67
हेक्टेयर फसलों का क्षेत्रफल बढ़ा है। 27035.795 हेक्टेयर गेहूं तथा
3225.261 हेक्टेयर अन्य फसलें और 26 हेक्टेयर ही आलू की फसल बर्बाद हुई है।
13500 रुपया प्रति हेक्टेयर की दर शासन से पहले 40 करोड़ 89 लाख 69756
रुपया की डिमांड की थी। एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने कहा दो हेक्टेयर से अधिक
वाले किसानों की सूची बनाई है करीब नौ करोड़ रुपया की डिमांड बढ़ गई है। अब
50 करोड़ धनराशि की भी जरूरत होगी।
किसान ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दी
25 बीघा खेत में की थी गेहूं की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद।
ओलावृष्टि और बरसात के साथ चली तेज हवाओं से बर्बाद हुई गेहूं की फसल से
आहत किसान ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। परिवारीजन उसको उपचार के लिए
ले जाते तब तक उसकी मौत हो गई। किसान की मौत होते ही परिवार में कोहराम मच
गया।
नगला खंगर थाना क्षेत्र के गांव नगला चतुरी निवासी मनोज कुमार
बघेल (40) पुत्र बैंचेलाल ने 25 बीघा जमीन में गेहूं की फसल की थी।
ओलावृष्टि और आंधी के चलते फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। इसको लेकर वह
मानसिक रुप से परेशान रहने लगा। परिवारीजनों की माने तो बुधवार शाम को मनोज
खेत से लौट कर घर आया तो बेहद परेशान था। खाना खाने के बाद वह कमरे में
चला गया। सुबह जब काफी देर तक मनोज नहीं जागा तो पत्नी कमरे में पहुंची।
मनोज की हालत देख उसने शोरगुल कर दिया। आसपास के लोग भी पहुुंच गए।
परिवारीजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसेे मृत घोषित कर
दिया। किसान की मौत की खबर पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को पीएम के
लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मनोज की तीन बेटी सरलेश (9), तनू (5) व गांजी
(2) हैं। अब परिवार को उनके पालन पोषण की चिंता सता रही है।