डिब्बे में बंद सांप को देखकर डॉक्टर और अन्य स्टाफ एक पल के लिए चौंक गए। डॉ. वरुण गुप्ता ने तुरंत कीर्ति का उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि यह करैत प्रजाति का सांप था, जो बेहद खतरनाक होता है और जिसका जहर सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करता है। समय पर सही इलाज मिलने से कीर्ति की हालत अब सामान्य है।
डॉक्टर की अपील - झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
डॉ. वरुण गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप के काटने के मामलों में तुरंत उपचार ही जान बचाता है। उन्होंने बताया कि इस बरसात के मौसम में अब तक 40 से अधिक सांप के काटने के मरीज अस्पताल पहुंच चुके हैं, और सभी की जान समय पर उपचार मिलने से बचाई जा सकी है। उन्होंने लोगों को देसी उपचार या झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय न गंवाने की सख्त सलाह दी है।
सांप काटने क्या करें
- मरीज को शांत रखें और कम हिलाएं
- काटे गए अंग को दिल से नीचे रखें
- जितनी जल्दी हो सके, अस्पताल पहुंचाएं
- अगर संभव हो तो सांप की पहचान करें (रंग, आकार)
ये भी पढ़ें-
उटंगन नदी हादसा: सेना और एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन पूरा...डूबे सभी 12 लोगों की माैत, आखिरी दिन निकाले चार शव