फिरोजाबाद पुलिस अभिरक्षा से भागने के बाद बदमाश नरेश उर्फ पंकज को जब रविवार देर शाम पुलिस ने बाईपास स्थित डीएमआर होटल के पास झाड़ियों में घेरा था तो उससे पुलिस ने आत्मसमर्पण का आह्वान किया। मगर, इसे नरेश ने ठुकराकर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी की जान उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली, जबकि थाना रामगढ़ के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार दुबे गोली लगने से घायल हो गए थे।
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि दोपहर में शौच का बहाना बनाकर भागे नरेश की तलाश में जुटे पुलिस बल को शाम करीब 7:20 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि नरेश एनएच-19 बाईपास के हलपुरा अंडरपास के पास बनीपुर के जंगल में छिपा है और हाईवे पर निकलने की फिराक में है।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज चौधरी ने तत्काल मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल को तीन भागों में बांटा और घेराबंदी की रणनीति बनाई। पहली टीम के प्रभारी खुद अनुज चौधरी रहे, इसमें थानाध्यक्ष मक्खनपुर चमन कुमार शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने सामने से घेराबंदी की। दूसरी टीम में क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद प्रवीण कुमार तिवारी और शिकोहाबाद इंस्पेक्टर अनुज कुमार व थानाध्यक्ष रामगढ़ संजीव कुमार दुबे थे।
नरेश का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस टीम ने बाएं फ्लैंक से कवर
तीसरी टीम (कट-ऑफ) में थी, जिसमें एआई यशपाल सिंह और अन्य पुलिसकर्मी थे। तीनों टीमों ने दबिश के दौरान दबे पांव और खेतों की मेड़ों की आड़ लेकर जंगल में छिपे बदमाश नरेश के करीब पहुंचना शुरू किया।
टॉर्च की रोशनी में जब नरेश को पेड़ों की आड़ में बैठा देखा गया तो उसे कहा गया कि तुमको पुलिस ने घेर लिया है, अपने आप को पुलिस के हवाले कर दो। मगर, आत्मसमर्पण के बजाय, नरेश ने तुरंत पीछे मुड़कर पुलिस पार्टियों पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
नरेश के सीने में लगी एक गोली
पुलिस टीमों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में बदमाश नरेश उर्फ पंकज के सीने में बायीं ओर एक गोली लगी और वह ढेर हो गया।
दर्ज सभी मुकदमों में दाखिल होगी फौती रिपोर्ट
नरेश उर्फ पंकज की मौत के साथ ही उसके अपराध और उससे संबंधित मुकदमों का भी अंत हो गया है। उसके खिलाफ जितने भी मुकदमे दर्ज हैं, उन सभी में इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के चस्पा करते हुए मृत्यु संबंधी फौती रिपोर्ट दाखिल होगी। मुकदमों में अब इसका नाम मृतक के तौर पर दर्ज हो जाएगा। जिन-जिन धानों में इसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
माल की बरामदगी के लिए जांच तेज
नरेश उर्फ पंकज का भले ही अध्याय समाप्त हो गया हो, लेकिन लूट के शेष माल की बरामदगी और उसके आपराधिक नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब इस बात की जांच करेगी कि नरेश ने अपराध से कमाए गए पैसे कहां खर्च किए और उसके जो साथी अभी भी फरार हैं, वहां कहां छिपे हैं। उनकी तलाश की जा रही है। दो करोड़ की इस लूट में अभी भी पुलिस को तीन अपराधियों की तलाश है।
शांत रहे पिता, बहनोई, मीडिया से नहीं की कोई बात
नरेश के पिता और बहनोई पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उनको पुलिस ने नरेश का शव दिखाया। इसी दौरान वहां से बाहर निकलते समय मीडियाकर्मियों ने दोनों को रोक लिया और नरेश के बारे में सवाल किए। मगर, पिता भूदेव और बहनोई ने किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और खामोशी पूर्वक वहां से निकल गए।
शव लेने आए परिजन, कड़ी सुरक्षा में रखा गया
पोस्टमार्टम के बाद नरेश उर्फ पंकज का शव उसके पैतृक गांव अरनी, थाना खैर, जनपद अलीगढ़ ले जाया गया। शव को लेने के लिए उसके पिता, बहनोई और गांव के एक परिचित फिरोजाबाद आए थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में रखा और कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद शव उनके सुपुर्द कर दिया।
ये आया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट सामने आई। इसके अनुसार मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गोली ने अपराधी नरेश के सीने को भेद दिया था और वह पीठ से पार निकल गई, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली ने एक पसली को भी तोड़ा था। साथ ही गोली ने उसके दिल को भी नुकसान पहुंचाया, जिसके कारण उसके मुंह से भी खून निकला था। अत्याधिक रक्तस्त्राव भी मौत का कारण रहा।