उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में काठ बाजार के दुकानदारों का आक्रोश आठ दिन बाद भी जस का तस है। दुकानदारों ने जिला प्रशासन के अफसरों को चेतावनी दी कि वह इस बार दिवाली नहीं मनाएंगे। दिवाली पर वह जली दुकानों के बीच ही धरने पर बैठेंगे।
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रामलीला मैदान से सटे काठ बाजार में आग लगने से 56 दुकानें जलकर उनमें रखे फर्नीचर के साथ-साथ अन्य सामान जलकर राख हो गया था। आग बुझाने में जिले के साथ-साथ एटा व मैनपुरी तक की फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाना पड़ा था।
काठ बाजार के दुकानदारों ने जिलाधिकारी के साथ-साथ नगर आयुक्त से भेंट की थी। लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया था। इसके कारण धरने पर बैठे दुकानदारों में से उन दुकानदारों ने काठ बाजार खोल लिया था जिनकी दुकानें पक्की थी। जबकि प्रभावित दुकानदारों ने अपना धरना जारी रखा था।
काठ बाजार के दुकानदार सोमवार को जली दुकानों केबीच फर्श डालकर धरना पर बैठे दिखाई दिए। उनका कहना है कि मुआवजा देने के साथ पक्की दुकानों को बनाने की अनुमति दी जाए।इस दौरान ओमकार शर्मा, सुनील शर्मा, जगदीश शर्मा कमल किशोर शर्मा, बंटू शर्मा, विजय शर्मा,भत्त सिंह शर्मा,हरिओम शर्मा, उमेश शर्मा आदि शामिल थे।