उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कहना है कि जेएस विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सुकेश सपा मुखिया के पार्टनर हैं। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि राजस्थान पुलिस के खुलासे के बाद डॉ. सुकेश यादव के संचालित शिक्षण संस्थान रडार पर आ गए हैं। शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता को रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए नोटिस जारी हो चुका है।
विवि के चांसलर डॉ. सुकेश यादव की जांच प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) पहले से कर रही है। इसी बीच राजस्थान पुलिस ने बीपीएड की फर्जी डिग्री का खुलासा कर कार्रवाई कर दी। उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय को मान्यता सपा के शासनकाल में मिली थी। इसके चांसलर सपा मुखिया के करीबी ही नहीं बल्कि साझीदार भी हैं। आगरा की अग्रवन हेरिटेज यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2023 में की गई। इससे फर्जी डिग्री बांटे जाने का शक है। इसकी जांच भी की जा रही है। इस विवि में गड़बड़ी पाए जाने पर इसकी मान्यता को रद्द किया जाएगा।
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टीम ने शुरू की जांच
शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी के प्रकरण में दो एसडीएम समेत राजस्व विभाग की टीम ने भूमि की नापजोख शुरू कर दी। बुधवार को एसडीएम शिकोहाबाद के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन से लेकर सभी कैंपस की नापजोख की। बुधवार को एसडीएम शिकोहाबाद कृतिराज एवं एसडीएम शिवध्यान पांडेय के नेतृत्व में लेखपाल शिवांश मिश्रा, शरद दुबे, सैफल गुप्ता, कुलदीप सिंह, विजय कुमार, आशीष पाराशर, पवन शर्मा एवं रुस्तमपाल की टीम दोपहर 12 बजे करीब नक्शा लेकर यूनिवर्सिटी पहुंची। दोनों ही अधिकारियों ने प्रशासनिक भवन से लेकर पूरे कैंपस की नक्शे के हिसाब से नापजोख करवाई। इससे वहां बेचैनी का माहौल रहा।
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ग्रामीणों से संवाद कर पुष्टि करने में जुटी टीम
सूत्रों के अनुसार टीम की जांच अनुसूचित जाति की भूमि पर जाकर अटक गई है। टीम ने कंथरी के ग्रामीणों से लेकर अन्य ग्रामीणों से जानकारी ली जा रही है। इस बात की जांच की जा रही है कि यूनिवर्सिटी निर्माण में नियमों एवं मानकों को पूरी किया गया है या नहीं।
टीम ने लेखपाल की भी शुरू की जांच
चर्चा इस बात की भी है कि तहसील शिकोहाबाद में तैनात लेखपाल अशोक यादव जेएस यूनिवर्सिटी में भी किसी पद पर तैनात थे। इस प्रकरण के सुर्खियों में आने के बाद से वह अवकाश पर हैं। जांच समिति ने उनकी भी फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में कोई साक्ष्य हाथ लगने पर वह भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।