शारीरिक शिक्षक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 जयपुर में जेएस यूनिवर्सिटी की बीपीएड की फर्जी डिग्रियां पकड़ी गई थीं। इस मामले में जयपुर एसओजी ने कुलाधिपति एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को जेल भेज दिया था। जेएस यूनिवर्सिटी का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद फिरोजाबाद जनपद ही नहीं, बल्कि बुलंदशहर जनपद के छात्रों ने भी थाना शिकोहाबाद में आकर जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति, रजिस्ट्रार समेत डॉ. पीएस यादव, डॉ. गौरव यादव, उमेश मिश्रा समेत अन्य स्टाफ के खिलाफ दो केस दर्ज कराए थे। इसमें पुलिस ने सामूहिक गिरोहबंद अधिनियम के तहत केस दर्ज किए हैं।
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यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पुलिस के नोटिसों का संतोषजनक जवाब न मिलने के चलते बीते बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोजाबाद ने शिकोहाबाद पुलिस को जयपुर जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ के लिए जयपुर जाने की अनुमति दी थी। बृहस्पतिवार सुबह थाना शिकोहाबाद से उप निरीक्षक चमन शर्मा समेत एक अन्य पुलिसकर्मी जयपुर के लिए सुबह सात बजे करीब रवाना हुए। जहां शिकोहाबाद पुलिस ने जयपुर एसओजी से मिलने के बाद जयपुर जेल में बंद डॉ. सुकेश यादव एवं नंदन मिश्रा से पूछताछ की।
जयपुर सूत्रों के अनुसार शिकोहाबाद पुलिस ने जेल में बंद दोनों आरोपियों से बीएससी एग्रीकल्चर तथा बीटेक-पॉलीटेक्निक कोर्सों के छात्रों के आरोपों के बारे में पूछा गया है। उनके यहां उपरोक्त कोर्स में कितनी सीटें हैं, कब मान्यता मिली। इसके अलावा पीड़ित छात्रों की फीस कहां जमा की गई थी, उनको फीस रसीद न देने के पीछे क्या वजह रही। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस ने दोनों आरोपियों से लिए हैं। शिकोहाबाद पुलिस ने शाम पांच बजे तक दोनों आरोपियों से लगभग तीन घंटे तक गहन पूछताछ की है।
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फिरोजाबाद के एसपी ग्रामीण अखिलेश भदौरिया ने बताया कि जयपुर जेल में बंद दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए शिकोहाबाद पुलिस से एसआई एवं एक अन्य पुलिसकर्मी जयपुर गए थे। जहां जेल में बंद दोनों आरोपियों से शिकोहाबाद थाने में दर्ज केस से सम्बन्धित कुछ प्रश्नों के जवाब लिए हैं। जल्द ही अब दोनों आरोपियों को पीसीआर रिमांड पर लेने की तैयारी की जाएगी।