शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी के फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है। यहां पहुंची टीम ने छात्र-छात्राओं एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान उपस्थित रजिस्टर नहीं मिला।
जेएस यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं से संवाद कर बयान दर्ज करते सीडीओ, एडीएम एवं एसपी ग्रामीण।
- फोटो : जेएस यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं से संवाद कर बयान दर्ज करते सीडीओ, एडीएम एवं एसपी ग्रामीण।
फर्जी डिग्री प्रकरण में सीडीओ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति बुधवार को जेएस यूनिवर्सिटी पहुंची। यहां उन्हें कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं मिला। टीम ने यूनिवर्सिटी में मौजूद मिले छात्र-छात्राओं एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों के बयान दर्ज किये हैं। उन्हें वहां जांच के दौरान उपस्थिति रजिस्टर नहीं मिला। इसके चलते टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार की है। इसे शासन को भेजा जाएगा।
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राजस्थान में फर्जी डिग्री प्रकरण के खुलासे के साथ ही जेएस यूनिवर्सिटी के मुश्किलें हर रोज बढ़ रही हैं। यूनिवर्सिटी का फर्जीवाड़े में उत्तर प्रदेश सरकार के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन ने भी जांच शुरु कर दी थी। पांच सदस्यीय जांच समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी फिरोजाबाद शत्रोहन वैश्य, अपर जिलाधिकारी फिरोजाबाद विशु राजा, एसी ग्रामीण फिरोजाबाद अखिलेश भदौरिया समेत अन्य अधिकारी बुधवार दोपहर 12 बजे करीब जेएस यूनिवर्सिटी पहुंचे।
अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में जाकर वहां जांच-पड़ताल शुरु कर दी। टीम को यूनिवर्सिटी कैंपस में यूनिवर्सिटी का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कैंपस में मौजूद नहीं मिला। इसके चलते टीम ने वहां मौजूद छात्र-छात्राओं एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों से पूछताछ की। टीम ने छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए। जिसमें उन्होंने कोर्सों की पढ़ाई होने, फीस जमा होने, प्रतिदिन अटेंडेंस संबंधित कई सवाल किए। जवाब छात्र-छात्राओं ने जांच समिति को दिए हैं।
सूत्र बताते हैं कि कंप्यूटर ऑपरेटरों से टीम ने कंप्यूटर में यूनिवर्सिटी के कोर्सों, उनकी फीस, कोर्सों की मान्यता एवं सीटों के बारे में रिकॉर्ड मांगे, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर टीम को कोई भी रिकॉर्ड नहीं दिखा सके। इसके साथ ही टीम के द्वारा उपस्थिति रजिस्टर मांगने पर भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में टीम ने छात्र-छात्राओं एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों के बयान दर्ज करने के बाद अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है। जिसे शासन को भेजा जाएगा।
एडीएम विशु राजा ने बताया कि जांच समिति के अधिकारी यूनिवर्सिटी कैंपस गए थे। वहां यूनिवर्सिटी का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं मिला था। ऐसे में छात्र-छात्राओं एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।