रफ़रोजाबाद ! छदामीलाल जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूजा करती महिला श्रद्धालुओं की भी?
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फिरोजाबाद। सेठ छदामीलाल महावीर जिनालय में जैनाचार्य सुरत्न सागर मुनि श्री के ससंघ के सानिध्य में रविवार को शांतिनाथ भगवान का विधान भक्तिभाव से आयोजित किया गया। संगीतमय विधान में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। समूचा परिसर जयकारों से गुंजायमान रहा।
मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में जैनाचार्य श्री 108 सुरत्न सागर महाराज ने कहा की यदि अपने दुखों को किसी के सामने बताते हो तो वह आपके सामने तो हमदर्दी दिखाएगा लेकिन आपके पीछे वही आपका मजाक बनाएगा। उन्होंने कहा कि समय का परिवर्तन है। आपको सही हमदर्दी दिखाने वाले बहुत कम लोग मिलेंगे। इसलिए आपके दुखों का निवारण खुद करें।
आपके ग्रंथों में दिए गए मंत्रों में अपार शक्तियां हैं। इस दौरान प्रवीण जैन, पवन जैन लाला, जितेंद्र जैन, बबलू जैन, दिनेश जैन, संजय जैन, जोली जैन, प्रशांत जैन, विनीत जैन, ऋतिक जैन, आदिश जैन आदि उपस्थित रहे।
इधर, नसियाजी मंदिर में सप्तम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 विवेक सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि जो व्रत हम श्रद्धापूर्वक ग्रहण करते है और बीच में छोड़ देते हैं। इससे हमें दुर्गति की प्राप्ति होती है। आचरण ही परम धर्म है। आचार्यश्री ने कहा कि तीर्थंकरों ने आचरण के माध्यम से ही मोक्ष की प्राप्ति की। आचरण श्रेष्ठ है, तो जीव भी श्रेष्ठ बनेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।