फिरोजाबाद। लेबर कॉलोनी में आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) निर्माण के समय ध्वस्त हुई सीवर लाइन से गंदा पानी सड़कों से अब घरों तक घुस रहा है। चार हजार की आबादी दुर्गंध से परेशान है। अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी समस्या का निस्तारण करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। जबकि सीवर लाइन के पुन: डालने के लिए सेतु निगम द्वारा जल निगम को भुगतान भी किया जा चुका है। जलकल विभाग द्वारा सीवर लाइन के पानी की निकासी को वैकल्पिक व्यवस्था की है, लेकिन इस व्यवस्था से क्षेत्रीय लोगों को निजात नहीं मिल पा रही।
लेबर कॉलोनी क्षेत्र के पानी की निकासी के लिए जल निगम द्वारा सीवर लाइन डाली गई थी। जो लेबर कॉलोनी रेलवे फाटक पर एक साल पहले आरओबी निर्माण के दौरान ध्वस्त हो गई थी। ध्वस्त हुई सीवर लाइन ठीक करने को सेतु निगम द्वारा जल निगम को दो करोड़ 14 लाख का भुगतान भर कर दिया गया। जल निगम द्वारा तैयार कराए गए एस्टीमेट में करीब दो करोड़ 35 लाख रुपये का खर्चा आने के बाद जल निगम ने सीवर लाइन को ठीक कराने से हाथ खड़े कर दिए है। जो क्षेत्रीय लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जिससे करीब चार हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सीवर के गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है। वहीं मौसम परिवर्तन के साथ ही बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। यदि समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करना होगा। जिसकी जिम्मेदारी विभागीय अफसरों की होगी।
सीवर लाइन टूट जाने से दुर्गंध फैलती है। घर के बाहर खड़ा नहीं हुआ जाता। बीमारियां के फैलने का खतरा बना हुआ है। कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
मीरा गुप्ता, निवासी लेबर कॉलोनी
दिन पर दिन स्थिति खराब होती जा रही है। कभी-कभी तो गंदा पानी घर के अंदर तक आ जाता है। अफसरों की अनदेखी से बीमारियां फैल सकती है।
नीता देवी, निवासी लेबर कॉलोनी
दुर्गंध के कारण घर के अंदर बैठा नहीं जा सकता। एक साल बाद बेटी घर आई थी। लेकिन दुर्गंध के कारण वह अपने रिश्तेदार के यहां ऑर्चिड ग्रीन कॉलोनी रहने के लिए चली गई।
किशन दत्त गुप्ता, निवासी लेबर कॉलोनी
ध्वस्त सीवर लाइन को ठीक कराने को सेतु निगम द्वारा भुगतान भी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक सीवर लाइन ठीक नहीं हो सकी है। जिससे दिक्कत बढ़ती जा रही है।
श्रीनिवास शर्मा, निवासी लेबर कॉलोनी
पंपिंग मशीन से भी दूर नहीं हो पा रही समस्या
सीवर लाइन के पानी की निकासी के लिए जल निगम द्वारा पंपिंग मशीन लगा दी गई है। इससे सीवर लाइन का पानी थाने के समीप नाले में डाला जा रहा है। इसके बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जिसको लेकर भी लोगों में आक्रोश है।