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आत्म शुद्धि का महापर्व आज से

Mon, 05 Sep 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
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आत्म शुद्धि का महापर्व आज से - फोटो : अमर उजाला
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दिगंबर जैन समाज के पर्यूषण महापर्व का आगाज आज से होगा। जिनालयों में भक्ति का सैलाब उमडे़गा। उत्तम क्षमा के साथ पर्यूषण पर्व की शुरुआत होगी। नगर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से देर रात धार्मिक आयोजन होंगे। पर्व की पूर्व संध्या पर घरों एवं मंदिरों में तैयारियां जोरशोर से चलती रहीं।
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श्री छदामीलाल जैन मंदिर में मंगलवार सुबह छह बजे अभिषेक होगा। संगीतमय पूजन के बाद आचार्य विनम्र सागर महाराज के दश धर्म पर प्रवचन होंगे। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन आचार्यश्री करेंगे। शाम 7:30 बजे मुंबई से पधारे ब्रह्मचारी विकेश जैन प्रवचन करेंगे। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इधर, बाहुबलि जिनालय, नई बस्ती में पांडेय राजेश जैन सायं आठ से नौ बजे तक प्रवचन देंगे। श्री चंद्रप्रभु मंदिर में मुनि ज्ञर विज्ञ सागर महाराज दोपहर 2:30 बजे तत्वार्थ सूत्र पर प्रवचन देंगे। सायं को बनारस विश्वविद्यालय के डॉ. कमलेश कुमार जैन दशलक्षण धर्म पर प्रवचन देंगे। विभव नगर जैन मंदिर में पांडेय मुनींद्र कुमार प्रवचन देंगे। कटरा मंदिर में राज लक्ष्मी जैन प्रवचन देंगी। मंदिरों में नित्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

- फोटो हाफ कालम
जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है पर्यूषण पर्व
पर्यूषण पर्व जैन धर्म में सबसे बड़ा पर्व है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष या घटना विशेष की पूजा नहीं होती है। अपने भीतर की सहनशीलता (क्षमा), नम्रता (मादर्व), सरलता (आर्जव), संतोष (शौच) आदि 10 गुण स्वभाव से हर व्यक्ति में होते हैं। इनको 10 दिनों में प्रकट किया जाता है। दस धर्मों के लक्षण आचरण में उतार ले तो 10 जन्मों तक व्यक्ति सुखी है।
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नरेंद्रप्रकाश जैन, अध्यक्ष शास्त्री विद्वत परिषद

- फोटो हाफ कालम
अनादिकाल से चला आ रहा है यह पर्व
पर्यूषण पर्व महापर्व माना जाता है। जैन एवं जैनेत्तर समाज भी इन दिनों को शुभ मानते हैं। अनंत चतुर्दशी, पंचमी, अष्टमी सभी धर्म मनाते हैं। यूं तो साल में पर्यूषण पर्व तीन बार आता है लेकिन भादौ के  पयूर्षण पर्व की विशेष मान्यता है। इस पर्व को त्याग का पर्व कहते हैं। क्षमा से शुरू होने वाला पर्व क्षमा पर ही समाप्त होता है।
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अनूपचंद्र जैन एडवोकेट, जैन विद्वान
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