चौकी गेट स्थित मंदिर में प्रवचन देते हुए जैन आचार्य विवेकसागर महाराज।
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फिरोजाबाद। शुक्रवार को चौकीगेट स्थित जैन भवन में धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसमें जैनाचार्य विवेकसागर ने कहा कि संस्कृति को जीवित रखने के लिए संस्कार आवश्यक है। प्रारंभ के संस्कार परिवार से प्राप्त होते है। परिवार में जिस प्रकार का कार्य होगा। उसी प्रकार से छोटे बच्चे करने लगते है। संस्कारवान ही गुणीजनों को देखकर हृदय में प्रेम वात्सल्य का भाव बना पाता है। वही गुणों की पहचान कर पाता है।
जैनाचार्य ने कहा कि धर्म को जानने वाला अपने कर्तव्य पूर्णत: से कर पाता है। उन्होंने बताया कि जो अन्त:करण से भगवान की भक्ति करता है। वह जीवन भर सुखी शांत चित रहता है। निर्मल विचार वाला होता है। सहन शक्ति साहस वाला होता है। जो पत्थर की तरह भक्त होता है। वह कार कोठी कुर्सी में ही लगा रहता है। वह अपनी संस्कृति को भूल जाता है। पुण्य के योग से ही सत्संग प्राप्त होता है।