फिरोजाबाद। स्वास्थ्य विभाग पर पर्याप्त संसाधन न होने के कारण कोरोना की जांच सही समय पर नहीं आ पा रही है। सैंपल देने के पांच दिन बाद कोरोना की रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीज बिल्कुल ठीक होता जा रहा है। या फिर स्थिति और गंभीर होती जा रही है। वहीं, जांच कराने के बाद व्यक्ति सभी स्थानों पर घूमता है, जो रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। इसी लापरवाही से जनपद में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या बढ़ती जा रही है।
कोरोना संक्रमण की पहली लहर पूरी तरह काबू में थी। अब स्थिति बिल्कुल विपरीत दिख रही है। किसी को कोरोना संक्रमण के लक्षण महसूस हो रहे हैं। वह कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करा रहा है तो उसकी रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच के लिए बड़ी संख्या में सैंपल प्रतीक्षा सूची में रखे हैं। पहले जांच की दूसरे या तीसरे दिन रिपोर्ट का पता लग जाता था। मगर पांच से छह दिन बाद भी रिपोर्ट का पता नहीं लग पा रहा है। रिपोर्ट देरी से आने के कारण लोगों को लंबे समय तक तनाव में रहना पड़ता है। रिपोर्ट का इंतजार करते कई मरीजों की स्थिति बिगड़ गई है। जनपद में तीन हजार से अधिक कोरोना की जांच लंबित पड़ी हैं।