फिरोजाबाद। गर्मी का सितम अब लोगाें की परेशानी बढ़ा रहा है। तापमान बढ़ने से बुखार, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, मानसिक असंतुलन बढ़ने के केस सामने आ रहे हैं। अनिद्रा के चलते मेंटल सीजनल डिफेक्टिव डिसऑर्डर से ग्रसित मरीज मेडिकल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में आने वाले दस मरीज में से छह मरीज इन बीमारियोें से पीड़ित हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
संत नगर के गौरव शर्मा पिता हरिओम को लेकर मेडिकल काॅलेज आए थे। समस्या थी कि वह पूरी-पूरी रात जागते रहते हैं। इससे परेशानी हो रही है। फरिहा की रेशमा देवी को बात-बात पर गुस्सा आ रहा था। चिकित्सकों के अनुसार इसके पीछे बढ़ता तापमान अहम कारण है। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुशिखा सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम में सूर्य की किरणें सीधे लोगों के दिमाग पर पड़ती है, इससे लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। मानसिक रोग विभाग में इंटर्नशिप कर रही काउंसलर गौरी राजौरिया ने बताया कि कि मरीजों में गर्मी का दुष्प्रभाव दिख रहा है।
गर्मी का मौसम केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहा है। अधिक तापमान और उमस की वजह से लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, जिससे उनमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा और तनाव जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कई मरीज अनिद्रा से परेशान हैं। वहीं कुछ डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे खुद को ठंडा रखें, नियमित नींद लें और आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक से परामर्श जरूर लें।
फॉल्ट और ट्रिपिंग बढ़ा रही समस्या
बार-बार ट्रिपिंग के कारण उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। जिले में हर दिन 60 से ज्यादा फॉल्ट हो रहे हैं। कई इलाकों में घंटों आपूर्ति ठप हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि रोज 15 से 20 ट्रांसफाॅर्मर तक जल रहे हैं। तापमान में बढ़ोतरी और लोड में अत्यधिक दबाव के चलते उपकरण जवाब दे रहे हैं। संवाद