फिरोजाबाद। रेलवे ई-टिकटों की कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा कसते हुए रेलवे सुरक्षा बल फिरोजाबाद और सीआईबी टूंडला की टीम ने एक शातिर दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से अपने घर से ही अवैध रूप से तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकटों का धंधा चला रहा था। वह हर जरूरतमंद यात्री से निर्धारित किराए के अलावा 200 से 500 रुपये तक अतिरिक्त वसूल कर टिकट बेचता था। आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया है।
आरपीएफ पोस्ट कमांडर नरेश कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी वंश मिश्रा निवासी महावीर नगर, थाना दक्षिण को मुखबिर की सूचना पर उसके घर से दबोचा। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाला एक स्मार्टफोन और 600 रुपये नकद बरामद किए हैं। जब उसके सिस्टम और फोन की जांच की गई, तो उसके पास से पूर्व में यात्रा की जा चुकी 20 ई-टिकटों के प्रिंटआउट मिले, जिनकी कुल कीमत 56,732 रुपये आंकी गई है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने आरपीएफ के सामने टिकटों की कालाबाजारी के पूरे खेल का पर्दाफाश किया। बताया कि तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही आईआरसीटीसी पर बनी अपनी 4 अलग-अलग पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर टिकट बुक करता था। आम यात्रियों को जब टिकट नहीं मिल पाते थे, तो वह मजबूरी का फायदा उठाकर प्रति यात्री 200 से 500 रुपये तक का मोटा कमीशन वसूल कर उन्हें ई-टिकट बेच देता था। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी द्वारा बुक किए गए अन्य ई-टिकटों और उसके पूरे नेटवर्क का विवरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से खंगाला जा रहा है।