फिरोजाबाद। जननी सुरक्षा से लेकर जल जीवन मिशन तक में जिला प्रदेश की रैंकिंग में फिसड्डी साबित हुआ है। मंगलवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के कार्यों की समीक्षा की तो इसमें यह राज खुला। डीएम ने पाया कि जिले को बी कैटेगरी मिली है। इस पर उन्होंने अधीनस्थों को स्पष्ट कहा कि बहानेबाजी नहीं चलेगी, धरातल पर काम दिखाओ, नहीं तो निलंबन होना तय है।
समीक्षा में सामने आया कि सरकार के सबसे अहम फ्लैगशिप कार्यक्रम जननी सुरक्षा योजना में स्वास्थ्य विभाग का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक फिरोजाबाद सहित सभी जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि देने का फरमान सुना दिया। वहीं, करोड़ों की लागत वाले जल जीवन मिशन (हर घर जल) फेज-4 प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट में जिला बी-कैटेगरी में पाया। इस पर डीएम ने जल निगम के अधिशासी अभियंता डीके सिंह को कारण बताओ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। फैमिली आईडी के मोर्चे पर भी जिले की रैंकिंग बेहद लचर मिली। डीएम ने विकास खंड खैरगढ़ के खंड विकास अधिकारी जितेंद्र यादव और नारखी के बीडीओ ओमप्रकाश को काम में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि थमा दी। पंचायतीराज विभाग के 15वें वित्त आयोग के कामों में बी रैंकिंग आने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही लचर प्रदर्शन करने वाले हाथवंत, नारखी और टूंडला के एडीओ (पंचायत) को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
इन्हें मिली आखिरी चेतावनी
आईसीडीएस (पोषण मिशन), मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी व ग्रामीण) और पशुपालन योजना में भी खराब रैंकिंग मिलने पर संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।