जिनके हित पूरे नहीं हुए सम्मान और प्रशस्ति पत्र उन लोगों ने लौटाए और असहिष्णुता का ढोल पीटा। अगर शौर्य चक्र, परमवीर चक्र और अन्य वीरता पदक लौटाए जाते तो माना जाता कि देश में असहिष्णुता का माहौल है। यह पदक वीरों के सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा के द्योतक हैं। कांग्रेस के दुष्प्रचार और भ्रामक संदेश के चलते लोगों ने पुरस्कार लौटाए हैं। कांग्रेस देश भर में माहौल खराब करना चाहती है।
यह बात भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रमेश बिधूड़ी ने भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कही। वह संगठन की समीक्षा के लिए फीरोजाबाद पहुंचे थे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा शासन में अराजकता बढ़ रही है। आम जनमानस खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। प्रदेश सरकार तो जाति एवं संप्रदाय के आधार पर निर्णय कर रही है। इसी कारण समाज को विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त, समता युक्त समाज की रचना की पक्षधर है। बिधूड़ी ने कहा कि सपा अपराधियों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हुई है। कर्तव्यनिष्ठ अफसरों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उनकी मृत्यु पर उन्हें तो कुछ नहीं दिया जा हा है। भाजपा किसी तुष्टीकरण में विश्वास नहीं रखती है। उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद करेंगे। सभी कार्यकर्ता अखंड भारत के निर्माण के लिए कार्य करते हैं। एक विचारधारा के साथ काम करते हैं। सरकारें तो आती एवं जाती रहती हैं। विधायक मनीष असीजा, सुनील टंडन, डा. लक्ष्मी नरायन यादव, अश्वनी भारद्वाज, अनिल भारद्वाज मौजूद रहे।
सत्ता पाने के लिए संगठन मजबूती को जुटें कार्यकर्ता
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रमेश बिधूड़ी ने पार्टी संगठन की समीक्षा करते हुए कहा कि भाजपा ही एक मात्र ऐसा संगठन है जहां संगठनात्मक चुनाव लोक तांत्रिक पद्धति के अनुसार होते हैं। यह संगठन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि समस्त कार्यकर्ताओं से मिल कर चलता है। उन्होंने संगठन मजबूत करने, आजीवन सहयोग निधि व वोट बने एवं बढ़े पर काम करने का भी आह्वान किया।
संगठन मजबूत होगा तभी 2017 में यूपी में भाजपा का परचम फहराया जा सकेगा। अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष अनिल भारद्वाज व संचालन संजय मिश्र ने किया। डा. लक्ष्मी नरायन यादव, सुनील टंडन, ब्रजक्षेत्र मंत्री हेमंत शर्मा, अश्वनी भारद्वाज, सुनील शर्मा, कन्हैयालाल गुप्ता, भगवान दास शंखवार, डा. अखिलेश शर्मा, यतेंद्र चक, राकेश राजौरिया, राधाकिशन वर्मा, निर्मल शर्मा, नीलम दिवाकर, आनंद अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुरेश मेठ, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, सुरेंद्र राजपूत, चेतराम यादव, महेश गुप्ता, सुनील मिश्रा, सौरभ गर्ग, श्याम राठौर, निकुंज शुक्ला, सुभाष चंद्र आदि मौजूद थे।