फिरोजाबाद। ठंड के मौसम में कम पानी पीना किडनी की परेशानी से जूझ रहे मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। केएफटी टेस्ट में रिपोर्ट सही नहीं आ रही। ऐसे मरीजों की दवाएं शुरू की जा रही हैं। पथरी के कई मरीजों को ऑपरेशन कराने की नौबत भी आ रही है। मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जहां सामान्य ओपीडी में 50 से 60 मरीज आते थे। वहीं, अब मरीजों की संख्या 80 से 90 पहुंच गई है। वहीं, मेडिसन विभाग में मरीजों की संख्या में बीते दो सप्ताह में फिर से इजाफा हुआ है। फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि किडनी हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा है, जिसके द्वारा हमारे शरीर से गंद निकलता है। लेकिन सर्दियों में पानी कम पीने से किडनी पर असर पड़ता है।
जब कोशिका में 30 फीसदी तक पानी कम हो जाता है तो डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। पानी की कमी पूरी करने के लिए हमारा शरीर पेशाब की सांद्रता बढ़ाता है, यानी मूत्र में पानी कम होकर वह अधिक अम्लीय प्रकृति का हो जाता है। इनके चलते ऑक्सजलेट, फॉस्फेट, यूरेट, यूरिक एसिड और अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडनी में इकठ्ठा होकर पथरी के रूप में संग्रहित हो जाते हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को यूरीनरी इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है।
डाॅ. मनोज के मुताबिक कहा कि पिछले कुछ दिनों में पथरी के रोगियों की संख्या में 20-25 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के मरीज भी बढ़ रहे हैं। तापमान बढ़ने से बुजुर्गों में प्रोस्टेट की समस्या भी हो रही है। उन्हें ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है।
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इस तरह करें बचाव
-शराब, नशीले पदार्थ लेने से बचें।
-समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
-दिन में तीन से चार लीटर पानी अवश्य पीएं।
-व्यायाम करें, नमक का प्रयोग कम करें।