सुहागनगरी के होनहार अर्पित चतुर्वेदी ने जिले की आलू किसानों की समस्या अमेरिका के न्यायार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ में रखी। अर्पित ने आर्थिक और सामाजिक काउंसिल यूथ फोरम के अधिवेशन में डेलीगेट के रूप में भाग लिया। इसमें उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिससे गांव छोड़ कर शहर की ओर युवाओं का पलायन रोका जा सके।
अर्पित के पिता उद्योगपति अतुल चतुर्वेदी ने बताया है कि अधिवेश में अर्पित ने भी प्रतिभाग किया। उन्होंने मौढ़ा ग्राम में जाकर आलू की खेती करने वाले कुछ किसानों से बातचीत की थी। अधिवेशन में उन्होंने बताया है कि किसानों को आलू के दामों में उतार चढ़ाव से नुकसान होता है। सही जानकारी की कमी के कारण किसानों को यूरिया, खाद और बीज संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है। इससे पहले अर्पित चतुर्वेदी ने विश्व प्रसिद्ध येल विश्वविद्यालय में भी दक्षिण एशिया सदी की कान्फ्रेंस में भाग लिया।
अर्पित चतुर्वेदी अमेरिका के कौर्नेल यूनिवर्सिटी में एमपीए की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें कार्नेल विश्व विद्यालय की मुख्य पत्रिका पालिसी रिव्यू का मुख्य संपादक नियुक्त किया गया है। अर्पित की प्रारंभिक शिक्षा फिरोजाबाद के किड्सकार्नर और सेंट जोंस स्कूल में हुई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से स्नातक की पढ़ाई करके अर्पित ने पुणे की सिम्वायोसिस यूनीवर्सिटी से एमबीए किया। एक वर्ष तक उन्होंने भारत सरकार के अनुसूचित जाति कमीशन में इंटर्नशिप की है। आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका के विश्व प्रसिद्ध र्कोनेल विश्वविद्यालय में दाखिला मिलने पर एमपीए का कोर्स कर रहे हैं। अर्पित पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अशोक चतुर्वेदी के पौत्र और उद्योगपति और कांग्रेस नेता अतुल चतुर्वेदी एवं रचना चतुर्वेदी के पुत्र हैं।