फिरोजाबाद। अपर जिला जज एवं विशेष जज पाक्सो एक्ट मृदुल दुबे ने पांच वर्षीय बालिका के साथ छेड़खानी के दोषी साधु को बीस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी साधु पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि वादी को देने के आदेश दिए गए है।
विगत चार दिसंबर 2017 को थाना टूंडला क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी पांच वर्षीय बालिका को पैसे देने के बहाने कॉलोनी में स्थित मंदिर का पुजारी बाबा रमेश गिरि बुलाकर पीछे स्थित स्कूल की ओर ले गया। इस दौरान वह बालिका के कपड़े उतारकर छेड़खानी करने लगा। इधर, बालिका के नहीं मिलने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। बालिका को खोजते हुए उसकी मां स्कूल के पीछे पहुंच गई।
यहां मां को देखते ही बाबा भाग गया। बालिका ने पूरा घटनाक्रम मां को बताया। पीड़िता की मां ने थाना टूंडला में बाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांचकर पत्रावली न्यायालय को पेश की।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज एवं विशेष जज पाक्सो एक्ट मृदुल दुबे ने की। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजमोद सिंह चौहान ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की कई दलीलों को पीठ के समक्ष रखा। न्यायाधीश ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं बयानों के आधार पर मंदिर के पुजारी रमेश गिरि को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।