वे दोनों एक कमरा लेकर रहे, लेकिन पति-पत्नी के रूप में नहीं रहे। न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि चूंकि पीड़िता ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों का समर्थन नहीं किया और चिकित्सीय साक्ष्य भी अभियोजन के आरोपों की पुष्टि नहीं करते , इसलिए अभियोजन पक्ष अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को विधि अनुसार साबित करने में सक्षम नहीं रहा। इस आधार पर उसे बरी कर दिया गया।
छात्रा से यौन उत्पीड़न के आरोपी को मिली जमानत
एडीजे विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट से एक 14 वर्षीय छात्रा से यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत मिल गई है। आरोपी बॉवी निवासी ग्राम पमारी, पचोखरा के खिलाफ 1 अगस्त 2024 को केस दर्ज हुआ था। आरोप था कि 14 वर्षीय छात्रा का हाथ पकड़कर खींचा और यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। अदालत ने पाया कि आरोपित अपराध सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है। कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय द्वारा सात वर्ष तक की सजा वाले मामलों में दिए गए दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए बॉबी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।
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