रिटायर्ड सीडीओ की नाबालिग बेटी का शव घर में फंदे पर लटका मिला था। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने प्रेमी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के टापा कला क्षेत्र में रिटायर्ड सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) की 17 वर्षीय बेटी के आत्महत्या प्रकरण में मंगलवार को पुलिस ने आरोपी अभिषेक उर्फ एलेक्सा को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस को पूछताछ में आरोपी अभिषेक ने किशोरी के साथ प्रेम संबंध होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उसने दावा किया कि वह नाबालिग थी इसलिए वह शादी के लिए कुछ समय इंतजार करने को कह रहा था। अभिषेक का कहना है कि किशोरी इस बात के लिए तैयार नहीं थी। इसी से आहत होकर उसने जान दे दी।
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सीओ सिटी अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि इंस्पेक्टर उत्तर थाना संजुल पांडेय व उनकी टीम अब अभिषेक और मृतका के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और चैट की गहनता से जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से ठीक पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी, और क्या अभिषेक ने किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाया था।
बता दें कि अभिषेक के खिलाफ मृत किशोरी के नाना ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है। किशोरी के पिता प्रशासनिक अधिकारी थे। वर्ष 2019 में उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। वह 2009 में फिरोजाबाद में एक कार्यालय के अध्यक्ष के रूप में तैनात रहे थे। मूलरूप से परिवार लखनऊ के मलिहाबाद का रहने वाला है। वर्तमान में परिवार टापा कला इलाके में रहता है। किशोरी 11वीं कक्षा की छात्रा थी।
फिरोजाबाद के शहर के थाना उत्तर क्षेत्र के बोधाश्रम रोड इलाके की एक 17 वर्षीय किशोरी ने प्रेम में धोखा खाने पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। किशोरी मृत रिटायर्ड सीडीओ (मुख्य विकास अधिकारी) की बेटी थी। मृतका के नाना ने युवक पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का केस दर्ज कराया।
वाक्या रविवार रात का है। किशोरी ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन को सोमवार तड़के बेटी फंदे पर लटकी मिली। सूचना पर तत्काल पुलिस पहुंची और जांच के बाद शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। किशोरी के नाना का आरोप है कि बेटी 11वीं की छात्रा थी। मोहल्ले के ही एक युवक अभिषेक ने उसको प्रेमजाल में फंसा लिया था। बेटी से शादी का वादा किया था। इसके बाद इन दोनों के बीच फोन पर किसी बात को लेकर अनबन हुई। इसके बाद वह युवक घर आया और बेटी से मारपीट भी की। इसके साथ ही उसने शादी से मना कर दिया। इसी बात से आहत होकर बेटी ने आत्महत्या कर ली है। इधर, पुलिस को नाना ने बताया कि मूलरूप से लखनऊ के मलिहाबाद के रहने वाले दामाद प्रशासनिक अधिकारी थे। वर्ष 2009 में फिरोजाबाद में विकास भवन में एक कार्यालय के अध्यक्ष पद पर तैनात रहे थे।
इसके बाद वह प्रमोशन पाकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के एक जिले में सीडीओ भी रहे। वर्ष 2019 में उनकी बीमारी से मौत हो गई। उनका परिवार वर्तमान में फिरोजाबाद के बोधाश्रम रोड इलाके में रहता है। परिवार में बेटी, उसकी तीन बेटियां, एक बेटा है। इसके अलावा वह खुद भी अपनी पत्नी के साथ बेटी के परिवार के साथ ही रहते हैं।
11वीं की छात्रा थी, फंदे पर लटक गए सारे अरमान
किशोरी 11वीं की छात्रा थी। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। वह अपने पिता की तरह प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती थी। मगर, अधूरी मोहब्बत ने न सिर्फ उसके जीवन को निगल लिया, बल्कि उसके व परिवार के अरमान भी फंदे पर लटककर मर गए। घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
सीओ सिटी अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि किशोरी के नाना की तहरीर पर आरोपी अभिषेक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का केस दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण के हर बिंदु पर जांच की जा रही है।