फिरोजाबाद। सूडा निदेशालय स्तर पर हुई जांच में जिले में पीएमएवाई में हुए अनियमितता की परतें खुल गईं हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार 1239 अपात्रों को योजना का लाभ दिए जाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में तत्कालीन पीओ डूडा सहित तीन अधिकारी कार्रवाई की जद में हैं। जांच के बाद अपात्रों को दी गई धनराशि की वसूली शुरू कर दी गई है।
गरीबों को खुद का घर उपलब्ध कराने के लिए शासन की योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में जिला स्तर पर मनमानी हुई। जिम्मेदार लोगों ने नियम-कानून ताक पर रख मनमाने तरीके से 1239 अपात्रों को पात्रता सूची में शामिल करा शासन को लगभग आठ करोड़, 37 लाख, 50 हजार रुपये का चूना लगा दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
शासन के निर्देश पर राज्य नगरीय विकास अभिकरण की टीम ने जिले में दस्तक दी थी। आवास योजना से जुड़ी पत्रावलियां खंगाली थीं। तत्कालीन डीएम सेल्वा जे. व सूडा निदेशालय स्तर पर हुई जांच के दौरान 2414 लोग योजना की अपात्रता श्रेणी में मिले। इनमें से 1239 लोगों को आवास निर्माण की धनराशि जारी कर दी गई।
जिन लोगों को किस्तें जारी की गईं, उनमें 969 लोगों को अनियमित तरीके से पहली किस्त, 228 अपात्रों को दूसरी किस्त और 42 अपात्रों को तीसरी किस्त का भुगतान कर दिया गया। मामले में सूडा निदेशालय ने जांच रिपोर्ट के आधार संबंधित अपात्रों से वसूली के निर्देश दिए हैं। अपात्रों को किस्त जारी करने के मामले में वसूली का जिम्मा तत्कालीन पीओ डूडा अनुपम गर्ग, मिशन प्रबंधक शहरी अंशुमन गौर व राजदीप यादव को दिया है। अपात्रों से धनराशि की वसूली शुरू कर दी गई है।
सूडा निदेशालय द्वारा जारी जांच रिपोर्ट की प्रति मिल गई है। लेकिन उसका अवलोकन किया जा रहा है। निदेशालय के जो भी आदेश होंगे उसका पालन किया जाएगा।
- सुभाषवीर सिंह राजपूत, पीओ डूडा