फिरोजाबाद। सौ शैय्या अस्पताल में सरकारी आंकड़ों में डेंगू और वायरल के मरीजों की संख्या घटने लगी हैं। लेकिन निजी अस्पतालों में वायरल और डेंगू के मरीजों की सुबह से देर शाम तक कतारें लगी हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने के लिए जगह नहीं है। शासन से आई टीम के दौरे के बाद मरीजों को अस्पताल से जल्द से जल्द डिस्चार्ज किया जा रहा है। ठीक हो चुके मरीजों को दीदामई और दबरई स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया जा रहा है। रविवार को सौ शैय्या अस्पताल में कुल 297 ही मरीज रह गए हैं। 24 घंटे में 248 मरीजों को सौ शैय्या अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 154 मरीज भर्ती किए गए हैं।
सौ शैय्या अस्पताल और नवनिर्मित बिल्डिंग में 48 घंटे पूर्व 504 मरीज भर्ती थे। अब मरीजों की संख्या तेजी से घटी है। हालांकि डिस्चार्ज किए गए कई मरीजों के तीमारदारों का आरोप है कि उनके बच्चे को दर्द है। बुखार भी कम नहीं हुआ। इसके बाद भी मरीज को अन्य स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर कर दिया है। सामान्य स्थिति में आए मरीजों को दीदामई स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस से भेजा गया। गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिक की बात करें तो स्थिति पहले की तरह ही बनीं हुई है। गंभीर मरीजों को सीधे आगरा रेफर किया जा रहा है। यहां तक कि दो दिन बाद नंबर आ रहा है।
सौ शैय्या से मरीजों की संख्या में तेजी से कमी आई है। उन मरीजों को डिस्चार्ज किया है, जो ठीक हो चुके हैं।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
रिपोर्ट आने का इंतजाम कर रहे मरीज
फिरोजाबाद। बदन तपने के बाद भी सौ शैय्या अस्पताल में चिकित्सक मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। परिजन भले ही जमीन पर बच्चों को लेटाए रहते हों। इसके बाद भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। चिकित्सक रिपोर्ट आने की बात कह कर टाल देते हैं। रिपोर्ट आने में करीब आठ से दस घंटे लगते है। तब तक मरीज परेशान रहता है। या फिर तीमारदार उसे निजी अस्पताल में ले जाते हैं।