सोशल मीडिया (वाट्सएप ग्रुप) पर प्रमुख वैदिक मंत्र पर एक अधिवक्ता द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट से अधिवक्ताओं में आक्रोश भड़क गया है। मंगलवार को अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एएसपी ग्रामीण को ज्ञापन देकर पोस्ट करने वाले अधिवक्ता के खिलाफ अभियोग दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। एसपी देहात ने मटसेना थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा है कि नारखी के ग्राम रजावली निवासी अधिवक्ता संजय प्रताप सिंह सुबह 11 बजे बैठे हुए थे। इसी दौरान बार एसोसिएशन के वाट्सएप ग्रुप पर आए मैसेज आया। बार के उपाध्यक्ष शीलेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने इसे पढ़ कर सुनाया तो वह दंग रह गए। पोस्ट में वैदिक मंत्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
बच्चे की गलती से फारवर्ड हो गया मैसेज - यामीन
अधिवक्ता मोहम्मद यामीन का कहना है कि यह मैसेज उनके पास सोमवार को एक पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने भेजा था। कल अवकाश था और घर पर बच्चे मोबाइल पर वीडियो गेम खेल रहे थे। इसी दौरान बच्चे ने गलती से इस मैसेज को फारवर्ड कर दिया। बार एसोसिएशन ही नहीं कई ग्रुपों पर यह मैसेज बच्चे की गलती से फारवर्ड हो गया है। उनका मकसद किसी भी धर्म से जुडे़ लोगों भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। आज जब लोगों के फोन मेरे पास आए तब पता चला कि मेरे नंबर से यह संदेश कई जगह फारवर्ड हो गया है।
अधिवक्ता परिषद ने की कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश की बैठक में अधिवक्ता मोहम्मद यामीन द्वारा वैदिक मंत्र को लेकर की गई आपत्तिजनक पोस्ट पर रोष व्यक्त किया। महामंत्री विजय शर्मा ने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। मुकुल शुक्ला एडवोकेट ने सख्त कार्रवाई की मांग की। रोष व्यक्त करने वालों में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव, अचल सिंह राठौर,जेपी शर्मा एडवोकेट, घनश्याम दुबे, गजेंद्र बघेल, सीपी सिंह, महेश बाबू आदि शामिल हैं।