एचआईवी पाजिटिव गर्भवती महिला को जिला महिला अस्पताल में भर्ती नहीं करने पर अस्पताल की सीएमएस पर शिकंजा कसा जा रहा है। सीएमओ ने सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले से बचने को सीएमएस ने महिला को भर्ती न करने की वजह कुछ और ही बताई है। मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरुवार को जिला महिला अस्पताल के गेट पर एचआईवी पाजिटिव गर्भवती महिला साढे़ तीन घंटे से ज्यादा समय तक एंबुलेंस में पड़ी रही थी। सीएमएस ने उसके एचआईवी पाजिटिव होने के कारण बिना चेकअप किए भर्ती करने से इंकार कर दिया था। यह जानते हुए भी कि एचआईवी पीड़ित व्यक्ति के साथ भेदभाव करना अपराध की श्रेणी में है। सीएमएस डॉ पुष्कर आनंद ने महिला सीएमएस डॉ. उपमा सिंह को नोटिस जारी किया है। जल्द स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। सीएमओ की महिला सीएमएस से मौखिक वार्ता भी हुई। सीएमएस का कहना है कि हाईरिस्क प्रेगनेंसी का मामला था, इसलिए रेफर किया है। एचआईवी के बारे में तो बाद में जानकारी लगी है।
महिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर निदेशक चिंतित
फीरोजाबाद। महिला अस्पताल की स्थितियों को लेकर लखनऊ भी गंभीर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने महिला अस्पताल की सीएमएस को चेतावनी जारी की है। कहा है कि डेढ महीने पहले सूचना देने के बाद भी महिला अस्पताल में अभी तक वित्तीय अभिलेख दुरुस्त नहीं हुए हैं। इसके लिए सीधे तौर पर सीएमएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अगर केंद्रीय रिव्यू मिशन (सीआरएम) की टीम को महिला अस्पताल में कोई भी खामी मिलती है, तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।