नोटिस से निजात के लिए हाईकोर्ट पहुंचे कारखानेदार
बकाया गृहकर व जलकर के नोटिस के विरुद्ध दायर की याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। 2014 से बकाया गृहकर एवं जलकर संबंधी नगर निगम के नोटिस से निजात पाने के लिए औद्यागिक आस्थान नगला भाऊ के कारखानेदारों ने अब हाईकोर्ट की शरण ली है। कारखानेदारों की मानें तो हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है। जल्द ही इस पर सुनवाई होगी।
याचिका औद्योगिक मामलों की पैरवी करने वाले शहर के एक अधिवक्ता की मदद से द इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसायटी ने दायर की है। सोसायटी के पदाधिकारियों की मानें तो याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई की उम्मीद है। नगर निगम द्वारा औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ पर संचालित 49 कांच व चूड़ी इकाइयों को 2014 से बकाया गृहकर व जलकर जमा कराने को नोटिस जारी किए हैं। उद्योग जगत का तर्क है कि वे खुद ही औद्योगिक आस्थान में साफ-सफाई, जीर्णोद्धार व नाली-खड़ंजा का निर्माण कराते हैं। ऐसे में नगर निगम को गृहकर और जलकर देने का कोई औचित्य नहीं है।
औद्योगिक आस्थान में सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं का हम खुद ही इंतजाम करते हैं। नगर निगम ने आज तक पेयजल,नाली-खड़ंजा और साफ-सफाई जैसे कोई काम नहीं कराया। इन्हीं तथ्यों को लेकर हमने नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
- संजय जैन बल्ले, उपाध्यक्ष, द इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसायटी
नगर आयुक्त से मिले उद्यमी
याचिका दायर करने के बावजूद बृहस्पतिवार को उद्यमियों का एक दल नगर आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल में द इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसायटी के उपाध्यक्ष संजय जैन बल्ले, पूर्व अध्यक्ष विनय नरूला, शिवकुमार यादव, भगवान दास अग्रवाल एवं प्रदीप अग्रवाल बाबा शामिल थे। उपाध्यक्ष संजय जैन बल्ले के मुताबिक नगर आयुक्त ने इस मामले में हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश आने तक इंतजार करने की बात कही है।