एटा में हुआ हादसा जिला प्रशासन के लिए बड़ा सबक है। जिले में कई चौराहे ऐसे हैं जहां अक्सर हादसे होते हैं। हादसों के बाद भी इन्हे रोकने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। हादसों के प्वाइंटों को देखे तो कहीं संकेतांक नहीं लगे मिले,कहीं बोर्ड गायब हैं। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें खराब हैं।
शहर के बीचोबीच स्थित जाटवपुरी चौराहा। इस चौराहे पर तड़के एक साथ छह श्रमिकों की मौत हुई थी। काफी बबाल मचा था। ब्रेकर बनाए गए,लेकिन चौराहे दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र होने के बोर्ड दिखाई नहीं देते। धीमी गति से चलें ऐसा कोई संकेत नहीं बनाया। यही कारण है कि हादसे होते हैं।
-शहर के अंदर नगला बरी चौराहे पर संकेतांक का बोर्ड ही महीनों पूर्व गायब हो गया था। लेकिन आज तक दूसरा बोर्ड नहीं लगा। ये चौराहा सबसे व्यस्ततम चौराहा है। तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी ने चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधार का प्लान तैयार किया था। लेकिन प्लान फाइलों तक सीमित रहा।
-इंडस्ट्रियल क्षेत्र का नगला भाऊ चौराहा, श्रमिकों की हमेशा आवाजाही होने के कारण यहां 24 घंटे भीड़ रहती है। कई बार हादसे हुए। कई चूड़ी जुड़ाई श्रमिक के ठेलों तक खींच ले गए। हादसों के बाबजूद यहां सावधानी पूर्वक चलने का कोई बोर्ड नहीं लगाया। एक साइड में लगाकर इतिश्री की।
-मीरा चौराहे पर अक्सर हादसे होते हैं।थाना लाइनपार क्षेत्र में आने के कारण आसानी से पुलिस फोर्स भी नहीं पहुंचता। कई कांन्वेंट स्कूल के बच्चों के आवागमन चौराहे से होता है। राजा का ताल तिराहे के साथ बैंदी कट हादसों का केंद्र बना हुआ है।
-सिरसागंज क्षेत्र की बात करें तो नगला राधे मोड हादसों के लिए खूनी स्पाट है। हादसों को रोकने की कोई प्लानिंग नहीं की गई। पैगू चौराहे पर कमोवेश यही हाल रहता है। नगला राधे मोढ़ पर पुलिस ने वाहनों की रफ्तार रोकने के सिर्फ बेरीकेडिंग की है।
कठफोरी में हाइवे स्थित सराय मुरलीधर चौराहा,सैंदलपुर के चौराहा,कठफोरी पुलिस चौकी एवं अतीकावाद सेमरा कट पर तो आए दिन हादसे होते हैं लेकिन यहां हादसे रोकने को कोई इंतजाम नहीं किया है।
यहां भी होते हैं अक्सर हादसे
हाइवे के साथ ही सिंगल रूटों एंव बंबा बाईपास पर हादसे अक्सर होते रहते है। बंबा चौराहा इनमें प्रमुख है। चौराहे के समीप ट्रक बारात पर चढ़ने के कारण बैंडकर्मियों सहित ही 13 लोग हादसे का शिकार हुए थे। ककरऊ चौराहा के साथ दौलतपुर गांव एवं उसायनी तिराहे पर हादसे अक्सर होते हैं। जसराना क्षेत्र में झपारा में प्रेमीबाबा इंटर कालेज के समीप ही अक्सर हादसे होते है।यहां कोई संकेतांक नहीं लगाया है। मक्खनपुर स्थित बिल्टीगढ़ चौराहे के साथ कसबा की ओर जाने वाले तिराहे पर हादसे होते हैं।
एनएचएआई अफसरों को प्रमुख चौराहों पर धीमी गति के संकेतांक के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं,जिले के कुछ चौराहों पर संकेतांक नहीं लगे हैं तो इसकी जांच करके लगवाए जाएंगे। ताकि हादसों को रोका जा सके।
उदय सिंह एडीएम फिरोजाबाद।