शिकोहाबाद। आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती अंजलि निगम के नवजात बेटे की हालत में सुधार नहीं है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके कारण परिवार की चिंताएं बढ़ गईं हैं। वहीं दूसरी ओर इस मामले में पुलिसकर्मियों के बयान अभी दर्ज नहीं हो सके हैं। पुलिस ने राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के सामने कहा कि तीन दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी लेकिन शुक्रवार को चौथे दिन तक भी जांच पूरी नहीं हो सकी।
गांव लभौआ निवासी अंजलि निगम ने प्रसव के बाद बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद अंजलि की मौत हो गई थी। मासूम की हालत नाजुक होने के कारण उसे आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले चार दिन से उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं है। पहले से गम में डूबे पिता को बेटे की चिंता सता रही है। इस मामले में सस्पेंड हुए पुलिसकर्मियों के बयान होने अभी बाकी हैं। बयान दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा का कहना है कि जल्द ही पुलिसकर्मियों के बयान लिए जाएंगे।
अधर में लटकी मदद की उम्मीद
शिकोहाबाद। पुलिस की जांच रिपोर्ट पूरी न हो पाने के कारण मृतका के परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद दिलाने की उम्मीद भी अधर में लटकी है। एसडीएम शिकोहाबाद राजेश कुमार शुक्ला का कहना है कि अभी इस मामले में आर्थिक मदद के लिए रिपोर्ट भेजाना अपेक्षित है। जांच पूरी होने के बाद आर्थिक मदद के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।