महंगे सरसों तेल में भी मिली मिलावट, नौ नमूने फेल
जांच में मिले खतरनाक रंग, तेल मानव जीवन के लिए बताया गया असुरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सरसों के तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। बावजूद इसके इसमें जमकर मिलावट हो रही है। अक्तूबर और नवंबर में लिए गए नौ नमूने की जांच में फेल हो गए। तेल मानव जीवन के लिए असुरक्षित बताया गया। इनमें खतरनाक रंगों की मिलावट भी मिली। मिलावटखारों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। वहीं अन्य पदार्थों समेत कुल 20 नमूने फेल हुए हैं।
जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि मटसेना बाजार में कैलाशचंद्र की दुकान से 14 दिसंबर 2021 को सरसों के तेल का नमूना लेकर प्रयोगशाला में भेजा गया था। यह आयोडीन वैल्यू और साबुनीकरण मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। 29 नवंबर को राहुल कुमार की दुकान से लिए गए सरसों तेल के नमूना की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। 29 नवंबर को पाढ़म में सुभाषचंद्र के यहां से लिया गया सरसों के तेल नमूना असुरक्षित पाया है। इसमें केमिकल के मिलावट की पुष्टि हुई है। मक्खनपुर सदर बाजार मुन्नी लाल की दुकान से लिए नमूने में सरसों में प्रतिबंधित बटर यलो की पुष्टि हुई है। पालीवाल नगर शिकोहाबाद में सत्यप्रकाश और मक्का कॉलोनी फिरोजाबाद में बाजिद खान के यहां के नमूनों में आयोडीन वैल्यू, साबुनीकरण मानकों के अनुसार नहीं मिला। कठफोरी सिरसागंज में अजीत कुमार, जसराना में सूर्यप्रताप सिंह, शिकोहाबाद में मनोज कुुमार गुप्ता की दुकान के नमूने भी असुरक्षित मिले। जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि मिलावट करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
लीवर, किडनी के लिए खतरनाक हैं सिंथेटिक रंग
खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों की मिलावट एक धीमे जहर की तरह कार्य करती है। इसके सेवन से किडनी और लीवर पर सीधा असर आता है। डायरिया और अन्य रोग होने की संभावना हो जाती है। प्रयास करें कि मिलावट खाद्य पदार्थों के सेवन से बचे रहें।
- डॉ. डीके गुप्ता, फिजिशियन
रिफाइंड के नमूना भी असुरक्षित
नगला बरी में अनस अली से लिए रिफांइड सोयाबीन ऑयल का नमूना भी असुरक्षित मिला है। इसमें भी आयोडीन वैल्यू एवं साबुनीकरण मानकों के अनुसार नहीं पाया। सदर बाजार मक्खनपुर में उमाकांत एंड संस के यहां से संग्रहीत रिफाइंड सोयाबीन ऑयल का नमूना भी एसिड वैल्यू कम होने की वजह से फेल हो गया है।
काले नमक, सॉस में भी अखाद्य रंग
काले रंग में भी अखाद्य रंग की मिलावट पाई गई है। 24 मार्च 2022 को हिमांयूपुर में संचालित बॉबी राठौर की काला नमक निर्माण इकाई से लिया नमूना में अखाद्य रंग कार्मोसाइन एवं टेट्राजाइन की पुष्टि हुई है। जो काला नमक निर्माण में प्रतिबंधित है। सैलई की पुलिया से 14 मार्च को यासिर के यहां से लिया कचरी का नमूने में अखाद्य रंग कार्मोसाइन की मिलावट मिली है। बिल्टीगढ़ चौराहे में रिजवान से संकलित किया सॉस के नमूने में सिंथेटिक रंग टेट्राजाइन और टोल जा पर वाहन से जा रहे जीके फूड प्रोडक्ट से बेजिटेबिल सॉस का नमूना में भी सिंथेटिक रंग की मिलावट की पुष्टि हुई है।
पनीर में भी मिलावट
नगला करन सिंह में राघवेंद्र सिंह से पनीर का नमूना मिल्क फैट कम होने की वजह से फेल हुुआ है। पाढ़म जसराना में आयुष डेयरी से पनीर का लिया नमूना असुरक्षित मिला है। इसमें मिल्क फेट कम होने के साथ बाहरी वसा की मिलावट की पुष्टि हुई है।