फिरोजाबाद। दो दिन पहले रामगढ़ क्षेत्र में खनन को लेकर हुई फायरिंग का मामला भले ही पुलिस दबा रही हो, लेकिन दो गुटों में संघर्ष पूरे जिले में चर्चा में हैं। अब विभागीय अफसर भी कार्रवाई के नाम पर जागे। रविवार को खनन की दो साइडों बजीरपुर में हरदेव सिंह एवं उस्मानपुर में अनूप कुमार की जांच की। दोनों स्थानों पर मानकों की अनदेखी मिली। रात में खनन का काम किया जा रहा था। इसके कारण दोनों की खनन की अनुमति को निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
जिले में सबसे ज्यादा मिट्टी के अवैध खनन का खेल विकास कार्यों के वर्क आर्डर के नाम पर अनुमति लेकर चलता है। अनुमति तो सिर्फ कुछ डंफर ही मिट्टी की खुदाई करने की ली जाती है, लेकिन उसके दो से तीन गुना तक मिट्टी का खनन करके बाजारों में बिक्री की जाती है। जिम्मेदार अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि शर्तों के मुताबिक रात में खनन नहीं किया जा सकता। खनन माफिया दिन में ट्रैफिक समस्या का हवाला देकर रात में खनन की गाड़ियों को निकलवाते हैं।