बच्चों के मध्याह्न भोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर सभी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दूध बांटा जाना था लेकिन क्रियान्वयन कम हो सका। शहरी क्षेत्रों में मध्याह्न भोजन कई कई दिनों से उपलब्ध ही नहीं हुआ।
शासनादेश के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने हर स्तर पर तैयारी का प्रयास किया लेकिन ऐन मौके पर सभी प्रयास विफल हो गए। बुधवार को बांटा जाने वाला दूध और कोफ्ता चावल शहरी क्षेत्र में नसीब नहीं हुआ। अब अगले बुधवार को भी दूध बांटा जाएगा अथवा यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा? इसके बारे में विभाग कुछ नहीं बता पा रहा है। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। सूबे के मुखिया के आदेश को भी लापरवाह अधिकारियों ने पलीता लगा दिया। मिड-डे-मील में कोफ्ता चावल और गर्म दूध की महज कुछ स्थानों पर औपचारिकताएं निभाई गई। बता दें कि शहर और आसपास की 13 ग्राम पंचायतों में मिड-डे-मील का वितरण एक जुलाई से नहीं हो रहा है। दबी जुबान से कुछ शिक्षकों ने कहा कि मिड-डे मील की कनवर्जन कॉस्ट बढ़ाए बिना दूध बांटना व्यावहारिक नहीं है।
एबीएसए ने किया दूध वितरण का शुभारंभ
जसराना(ब्यूरो)। एमडीएम में छात्र एवं छात्राओं को दूध पिलाने की योजना पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ सकी। कहीं दूध की समस्या तो कहीं दूधिया ही दूध देने नहीं पहुंचा। हालांकि बीआरसी कार्यालय पर मौजूद उच्च प्राथमिक विद्यालय में एबीएसए सुबोध कुमार पाठक ने बच्चों को दूध का वितरण किया। जसराना के औरंगाबाद के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को दूध नहीं मिला। बच्चों को एमडीएम में मात्र चावल एवं सब्जी का खाना दिया। औरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय के इं. प्रधानाध्यापक दीपक कुमार ने कहा कि दूधिए से दूध के लिए कहा था लेकिन देने नहीं आया। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय औरंगाबाद के बच्चों को दूध पीने को मिला। जसराना के बीआरसी के पास मौजूद उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक साहब सिंह चौहान के साथ एबीएसए सुबोध कुमार पाठक ने सभी छात्र-छात्राओं को दूध का वितरण किया। एबीएसए सुबोध कुमार पाठक ने कहा कि ब्लाक क्षेत्र के स्कूलों में दूध का वितरण किया गया है। अगर किसी स्कूल में दूध का वितरण नहीं हो पाया है तो उसका कारण जाना जाएगा।
विद्यालयों में कहीं दूध की धारा तो, कहीं एमडीएम भी नदारद
टूंडला (ब्यूरो)। शासनादेश के बावजूद बुधवार को टूंडला क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में एमडीएम में बच्चों को दूध नहीं मिला। वहीं यमुना तलहटी क्षेत्र के कई गांवों में बच्चों एमडीएम भी नहीं मिला।
गौरतलब है कि शासन द्वारा आदेश दिए गए हैं परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए दूध वितरण किया जाए। मांग के मुताबिक क्षेत्र में दूध उत्पादन न होने के चलते ऐसा होता संभव नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को यमुना तलहटी क्षेत्र के गांवों के परिषदीय विद्यालयों में दूध वितरण नहीं हो सका। प्राथमिक विद्यालय ठार बहादुर, प्राथमिक विद्यालय ठार बल्दी, प्राथमिक विद्यालय, रसूलाबाद पर दूध वितरण नहीं किया गया। रसूलाबाद की प्रधानाचार्य मीना यादव, ठार बल्दी के सहायक अध्यापक दिवाकर सिंह का कहना था कि अभी तक उनके पास दूध का जीओ नहीं आया है। जब जीओ आ जायेगा तब बच्चों को दूध दिया जायेगा। नगर क्षेत्र व चुल्हावली, रिजावली आदि क्षेत्र के विद्यालयों में दूध का वितरण किया गया।
टूंडला ब्लाक मे 252 विद्यालय हैं। इनमें से 60 प्रतिशत विद्यालयों में दूध वितरण किया गया है। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि शिक्षक दूध वितरण के मामले में जीओ आने की बात कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों की बात संज्ञान में ली जा रही है। उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मोहम्मद रिजवान
खंड शिक्षाधिकारी, टूंडला